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MP Board Social Science: सामाजिक विज्ञान का पेपर बच्चों की सोच के बिल्कुल उलट निकला है इस एग्जाम में बच्चों को दिन में ही चांद सितारे नजर आने लगे स्टूडेंट के मुताबिक इस बार 8 से 15 नंबर तक का क्वेश्चन पेपर आउट ऑफ सिलेबस आया है जिसकी वजह से कोई भी 60-65 नंबर से अधिक का एग्जाम सॉल्व नहीं कर पाया है.
MP Board Social Science: एमपी बोर्ड से पढ़ाई करने वाले अधिकांश स्टूडेंट सामाजिक विज्ञान जैसे विषय को बहुत ही लाइटली लेते हैं यानी कि इसको बहुत ही सरल समझते हैं और जब एग्जाम की बारी आती है तो विज्ञान में इंग्लिश जैसे सब्जेक्ट पर ज्यादा फोकस करते हैं और हिंदी संस्कृत सामाजिक विज्ञान जैसे पेपर को बहुत ही कम पढ़ाई करते हैं इस बार एमपी बोर्ड के द्वारा जो परीक्षाएं ली जा रही है और पिछले चार क्वेश्चन पेपर जितने इजी आए उसकी वजह से बच्चों को उम्मीद थी कि पांचवा सामाजिक विज्ञान का पेपर भी ऐसा ही रहेगा लेकिन 2 मार्च 2026 दिन सोमवार को संपन्न हुआ सामाजिक विज्ञान का पेपर बच्चों की सोच के बिल्कुल उलट निकला है इस एग्जाम में बच्चों को दिन में ही चांद सितारे नजर आने लगे स्टूडेंट के मुताबिक इस बार 8 से 15 नंबर तक का क्वेश्चन पेपर आउट ऑफ सिलेबस आया है जिसकी वजह से कोई भी 60-65 नंबर से अधिक का एग्जाम सॉल्व नहीं कर पाया है.
कार्तिक अहिरवार ने बताया की सामाजिक विज्ञान का पेपर कठिन आया है. इसमें कुछ क्वेश्चन आउट ऑफ सिलेबस भी रहे जिसमें खाली स्थान बाले कुछ प्रश्न और सिंगल वर्ड वाले कुछ प्रश्न पर दो नंबर वाले प्रश्न किताब से बाहर की नहीं इसकी वजह से पूरा पेपर तो अच्छा नहीं गया है.
कुछ प्रश्न किताब की बाहर से आए
अनमोल पटेल ने बताया कि अभी तक जितने भी एग्जाम हुए हैं उसमें यह सबसे कठिन रहा है और मेरे हिसाब से तो 15 से 20 नंबर के प्रश्न किताब के बाहर की आए हैं जिसकी वजह से 75 नंबर में से 60 नंबर का ही पेपर हल हुआ हैं. कार्तिक कुमार ने बताया कि आज 60 नंबर का ही पेपर करके आप आए हैं क्योंकि एग्जाम काट लिया गया था कुछ प्रश्न किताब की बाहर के भी आ गए, इसी तरह कुलदीप ने भी प्रश्न पत्र में 20 नंबर के प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस आने की बात कहीं,
हुसैन ने बताया कि आज का पेपर बहुत ही खराब गया है मेरे हिसाब से 2022 और उससे पहले के जो प्रीवियस क्वेश्चन पेपर थे उसे में से अधिकांश प्रश्न आए हैं कुछ बाहर के भी लग रहे लेकिन सभी का इसी तरह से एग्जाम बिगड़ गया है. बता दें, सागर जिले में 142 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं जहां पर 34 000 दसवीं के बच्चे परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं अब तक एमपी बोर्ड में दसवीं क्लास के 5 पेपर संपन्न हो चुके हैं और अब आखिरी एग्जाम 7 मार्च को हिंदी का है बता दें कि हिंदी का ही सबसे पहले एग्जाम होना था लेकिन परीक्षाएं शुरू होने से कुछ समय पहले ही एमपी बोर्ड के द्वारा टाइम टेबल को संशोधित करते हुए हिंदी का पेपर सबसे आखिरी में कर दिया गया था इस एग्जाम से सबक लेकर अब बच्चे हिंदी के पेपर की भी अच्छी तैयारी करेंगे.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें