ग्वालियर में दिनदहाड़े कैश से भरा बैग लूटने वाले लुटेरे, प्लानिंग करने वाले मास्टरमाइंड समेत पांच बदमाशों को पुलिस ने गुड़गांव (गुरुग्राम) हरियाणा से गिरफ्तार किया है। लूट की प्लानिंग फरियादी के करीबी ने की थी। वह पहले भी कई बार कलेक्शन एजेंट को कैश दे चुका था। वारदात वाले दिन भी 1.5 लाख रुपए कैश दिया था। जिसकी रैकी अपने साथियों को दी थी। एक्टिवा सवार लुटेरे भी यही सोचकर आए थे कि बैग में डेढ़ लाख रुपए हैं। वारदात के बाद जब वह गोला का मंदिर पर अपने रूम पर पहुंचे और बैग खोला तो उसमें 6.85 लाख रुपए निकले थे। जिसे देखकर लुटेरों ने सोचा बड़ा दांव हाथ लगा है। यहां वह रुपए आपस में बांटने के बाद गुड़गांव निकल गए थे। वे यही सोच रहे थे कि उन्होंने फुल प्रूव प्लानिंग कर वारदात को अंजाम दिया है, लेकिन पुलिस उनकी तलाश करते हुए गुड़गांव पहुंची और पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर रविवार को खुलासा किया है। पार्टियों में रुपए देने का करते हैं काम फरियादी वासुदेव शर्मा निवासी घंटियाल बड़ी जिला चूरु (राजस्थान), हाल सिटी सेंटर महलगांव, विश्वविद्यालय द्वारा थाना कम्पू में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके जीजा संदीप शर्मा का प्लाईवुड का व्यवसाय है, जिसमें वह पार्टियों से रुपए लेने-देने का कार्य करते हैं। 25 फरवरी 2026 को वह विभिन्न पार्टियों से लगभग 5 लाख रुपए कैश कलेक्शन कर उन्हें अपने नीले रंग के बैग में रखकर एमएलबी कॉलेज ग्राउंड में बैठा था। उसे उसके जीजा ने बताया नहीं था कि रुपए कहां और किसे देने हैं। वह जीजा के कॉल का इंतजार कर रहा था। तभी उसे भूख लग आई तो शाम लगभग 6 बजे जब वह नाश्ता करने के लिए ग्राउंड के गेट से बाहर निकला, तभी बिना नंबर की स्कूटी पर सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने उस पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया और धक्का देकर बैग छीन ले गए। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कम्पू में लूट का मामला दर्ज किया था।
बेटू उर्फ बिट्टू से पुलिस पूरी गैंग तक पहुंची वारदात के बाद जब पुलिस ने CCTV कैमरे एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छानबीन शुरू की तो कुछ फुटेज मिले थे। बदमाशों की लास्ट लोकेशन CCTV कैमरों में गोला का मंदिर की मिली थी। घटना स्थल एवं आसपास के CCTV फुटेज खंगालने पर एक संदिग्ध आरोपी बेटू उर्फ बिट्टू को चिन्हित किया गया। तकनीकी सेल एवं मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर जानकारी प्राप्त हुई कि संदेही बिट्टू अपने साथियों के साथ गुड़गांव गया है। पुलिस टीम द्वारा गुड़गांव पहुंचकर बिट्टू एवं उसके साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में बिट्टू ने हर्ष कुमार, राज शर्मा, शिवम तोमर उर्फ बनिया और करन तोमर के साथ मिलकर लूट की प्लानिंग कर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। जिसके बाद सभी पांचों को गिरफ्तार कर ग्वालियर ले आई और लूट का खुलासा हुआ है। राज करता रहता था लेनदेन, उसी ने बनाई प्लानिंग पुलिस ने बिट्टू की निशादेही पर राज शर्मा और हर्ष को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिसमें सामने आया कि राज शर्मा का फरियादी से पूर्व में भी लेन-देन रहा है। राज शर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर योजना बनाई कि वासुदेव शर्मा को 1.50 लाख रुपए का भुगतान किया जाना है। जैसे ही रकम दी जाएगी, पीछे से लगे आरोपी हर्ष और बिट्टू रुपए छीन लेंगे। योजना के अनुसार 25 फरवरी को रकम की डिलीवरी होते ही आरोपियों ने एक्टिवा से पीछा कर लूट की वारदात को अंजाम दिया और गोला का मंदिर क्षेत्र स्थित एक कमरे में जाकर रकम का बंटवारा कर लिया। जब आरोपियों ने पूरी राशि की गिनती की तो बैग से 6.85 लाख रुपए निकले। बंटवारा में 2-2 लाख रुपए हर्ष, बिट्टू और राज शर्मा ने लिए, जबकि 35,000 रुपए करण एवं 50 हजार रुपए बनिया तोमर को मिले। 5 लाख रुपए बताए थे, मिले थे 6.85 लाख रुपए पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी रकम 6 लाख 85 हजार जब्त की है। जबकि फरियादी ने 5 लाख रुपए की लूट बताई थी। फरियादी से पुनः पूछताछ की गई तो बताया कि वह जल्दबाजी में आखिरी पेमेंट जो 1 लाख 50 हजार रुपए मिला था, उसको बता नहीं पाया था, इसलिए उसने रकम कम बताई थी। बैग में 6.50 रुपए ही लूट की गई थी। पुलिस लूट की रकम 6.85 रुपए और एक्टिवा गाड़ी जब्त कर ली है। आशंका है कि रुपयों का लेन-देन हवाला से भी जुड़ा हो सकता है। यह हैं पांच बदमाश एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया दिनदहाड़े लूट के मामले में सभी पांचों आरोपियों को पकड़ लिया है। उनसे लूट का पूरा माल बरामद कर लिया है। वारदात में उपयोग किया गया दोपहिया वाहन भी जब्त कर लिया गया है।
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