जंगल में बाघ की आहट और आग का खतरा: कटनी के वनांचल में वन विभाग का जागरूकता अभियान; ग्रामीणों को किया अलर्ट – Katni News

जंगल में बाघ की आहट और आग का खतरा:  कटनी के वनांचल में वन विभाग का जागरूकता अभियान; ग्रामीणों को किया अलर्ट – Katni News




कटनी में गर्मी की आहट के साथ ही वनों को आग से बचाने और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने कमर कस ली है। तहसील मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल ग्राम उचेहरा और भलवारा में जन-जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को जंगल की आग और वन्यप्राणियों के खतरों के प्रति सचेत करना है। महुआ संग्रहण के दौरान आग न लगाने की अपील शिविर में रेंजर अजय मिश्रा ने ग्रामीणों और वन समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि महुआ संग्रहण के समय अक्सर पेड़ों के नीचे सफाई के लिए आग लगा दी जाती है। यह छोटी सी लापरवाही पूरे जंगल में भीषण आग का कारण बन सकती है, जिससे न केवल बेशकीमती वन संपदा नष्ट होती है, बल्कि वन्यजीवों और पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचता है। विभाग ने ग्रामीणों से महुआ बीनते समय आग का उपयोग न करने का आग्रह किया है। क्षेत्र में बाघ की सक्रियता, अकेले जंगल न जाने की सलाह इलाके में बाघ की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों को हाई अलर्ट पर रहने के लिए कहा है। रेंजर ने विशेष रूप से समझाइश दी है कि ग्रामीण अकेले जंगल के भीतर प्रवेश न करें और मवेशियों को चराते समय भी समूह में रहें और विशेष सावधानी बरतें। विभाग ने स्पष्ट किया कि वन्यप्राणियों की सुरक्षा के साथ-साथ मानव सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय वन अपराधों और अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग मांगा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वन्यजीव तस्करी या अवैध गतिविधियों की जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। इसके साथ ही शिविर में ग्रामीणों को जंगली जानवरों द्वारा फसल हानि, जनहानि पर मिलने वाले मुआवजे और तेंदूपत्ता तुड़ाई से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।



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