देश में सबसे पहले महाकाल के आंगन में होलिका दहन, बिना मुहूर्त देखे निभाई गई परंपरा

देश में सबसे पहले महाकाल के आंगन में होलिका दहन, बिना मुहूर्त देखे निभाई गई परंपरा


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Mahakal Mandir Holika Dahan: महाकाल मंदिर के आंगन में 2 मार्च को गोधूलि बेला में होलिका दहन किया गया. इससे पहले संध्या आरती में भगवान महाकाल के साथ जमकर होली खेली गई. इस अवसर पर महाकाल के दर्शन करने दूर-दूर से भक्त आए. 

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सोमवार शाम होलिका दहन के साथ होली पर्व का शुभारंभ हुआ. परंपरा के अनुसार विधिवत होलिका जलाई गई, लेकिन सुरक्षा कारणों से इस बार सख्त इंतजाम किए गए. दो वर्ष पूर्व हुई घटना को ध्यान में रखते हुए प्रशासन सतर्क रहा. कड़े नियमों और निगरानी के चलते आयोजन शांतिपूर्ण रहा. हालांकि, पहले जैसी रंग-बिरंगी रौनक और उल्लास कम दिखाई दिया.

होली से एक दिन पहले महाकालेश्वर मंदिर में प्राचीन परंपरा के अनुसार होलिका दहन का आयोजन किया जाता है. इसी क्रम में सोमवार को संध्या आरती के दौरान पंडे-पुजारियों ने बाबा महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित कर प्रतीकात्मक रूप से होली मनाई. इसके बाद मंदिर परिसर में विधिवत मंत्रोच्चार के बीच घनश्याम व आशीष पुजारी ने कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में होलिका दहन किया. वर्ष 2024 की भस्म आरती से जुड़ी घटना के चलते इस बार आम श्रद्धालुओं का प्रवेश और होली खेलने पर रोक रही.

भस्म आरती में होली खेलेंगे बाबा
परंपरा के अनुसार, महाकाल मंदिर में धुलेंडी का पर्व मंगलवार को ही मनाया जाएगा. इस दौरान तड़के सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में सबसे पहले भगवान महाकाल को गुलाल लगाया जाएगा. इसके बाद भगवान का भांग और चंदन से विशेष शृंगार किया जाएगा. मंदिर के पुजारी आशीष शर्मा के अनुसार, महाकाल मंदिर में सबसे पहले होली मनाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है, जिसमें भगवान को प्रतीकात्मक रूप से गुलाल अर्पित किया जाता है.

आरती में जमकर उड़ता फूल-गुलाल
महाकाल मंदिर के पुजारी आशीष पुजारी ने बताया कि महाकाल मंदिर के आंगन में 02 मार्च को गोधूलि बेला में होलिका दहन किया गया. इससे पहले संध्या आरती में भगवान महाकाल के साथ पुजारी परिवार जमकर होली खेली गई. होली के इस पावन पर्व का सभी भक्त बेसब्री से इंतजार करते हैं. होली के एक दिन पहले ही महाकाल मंदिर में पुजारियों और श्रद्धालुओं द्वारा भगवान महाकाल के साथ होली खेली गईं.

इसलिए नहीं दिखा उल्लास
बता दें कि 25 मार्च 2024 को होली पर भस्म आरती के दौरान गुलाल से आग लग गई थी, जिससे 14 पंडे, पुरोहित और कर्मचारी झुलस गए थे. एक की मौत हो गई थी. नतीजतन प्रशासन ने इस बार मंदिर में बाहर से रंग-गुलाल लाने पर रोक लगाने के साथ होलिका दहन के दौरान परिसर को बंद कर दिया. इससे होलिका दहन पर सिर्फ मंदिर के पंडे-पुजारी, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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