रायसेन जिले में सोमवार रात 9 बजे से होलिका दहन का सिलसिला शुरू हो गया है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक 500 से अधिक स्थानों पर पूरी आस्था और उल्लास के साथ होलिका दहन किया जा रहा है। खास बात यह रही कि इस बार महामाया चौक सहित कई प्रमुख जगहों पर लकड़ी की जगह गाय के गोबर से बने कंडों की होली जलाकर पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश दिया गया। शहर में सबसे पहले वार्ड पंच तीपट्टा बाजार स्थित बड़े मंदिर में विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ होलिका दहन किया गया। इसके बाद पूरे शहर के लगभग 70 स्थानों (जिनमें दो दर्जन बड़ी होलियां शामिल थीं) पर बारी-बारी से होली जलाई गई। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस पर्व में पूरी श्रद्धा के साथ अपनी भागीदारी दर्ज कराई। कंडों से जली होली, दिया गया पर्यावरण बचाने का संदेश इस वर्ष जिले में होलिका दहन के दौरान पर्यावरण बचाने और पेड़ों की कटाई रोकने पर विशेष जोर दिया गया। शहर के महामाया चौक और रामलीला मैदान सहित कई प्रमुख स्थानों पर लकड़ी का इस्तेमाल न के बराबर करते हुए गाय के गोबर से बने कंडों से होलिका प्रज्ज्वलित की गई। इस पहल की स्थानीय लोगों ने भी खूब सराहना की। कॉलोनियों में दिखा भारी उत्साह, फाग गीतों पर थिरके युवा गंज बाजार, मुखर्जी नगर, साईं विहार कॉलोनी, संस्कार विहार कॉलोनी, शीतल सिटी और राधा कृष्णपुरम सहित शहर के विभिन्न मोहल्लों में होलिका दहन को लेकर खासा उत्साह देखा गया। महिलाओं ने जहां विधि-विधान से होलिका की पूजा-अर्चना की, वहीं कई स्थानों पर युवाओं और बच्चों ने होली के पारंपरिक फाग व डीजे के गीतों पर जमकर नृत्य किया। सुरक्षा को लेकर चप्पे-चप्पे पर अलर्ट रहा पुलिस-प्रशासन जिलेभर में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता के साथ मनाए जा रहे इस पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। हुड़दंगियों पर नजर रखने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों और संवेदनशील होलिका दहन स्थलों पर पुलिस बल मुस्तैदी से तैनात रहा।
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