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Holi Special Dish: मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में होली सिर्फ रंगों का नहीं बल्कि स्वाद और परंपरा का त्योहार है. खंडवा जिले में मेहमानों का स्वागत पूरनपोली और छाछ की कढ़ी से किया जाता है. यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और आज भी लोग इसे पूरे उत्साह से निभाते हैं. गुलाल के साथ यहां रिश्तों में मिठास भी घुलती है. निमाड़ की यह खास होली पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखती है.
Holi Special Nimari Dish: मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल, खासकर खंडवा जिले में होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है. यहां होली का मतलब है स्वाद, अपनापन और परंपरा. गुलाल लगाने से पहले यहां मेहमानों को पूरनपोली और छाछ की कढ़ी खिलाई जाती है. यही इस इलाके की खास पहचान बन चुकी है.
होली की तैयारी कई दिन पहले
खंडवा और आसपास के गांवों में होली की तैयारियां कई दिन पहले शुरू हो जाती हैं. घरों की साफ-सफाई के साथ यह तय हो जाता है कि कितनी पूरनपोली बनानी है. फाल्गुन पूर्णिमा यानी होलिका दहन के दिन घर की महिलाएं खास तौर पर पूरनपोली बनाती हैं. गेहूं के आटे और चने की दाल से तैयार यह मीठी रोटी जब घी के साथ परोसी जाती है तो उसका स्वाद ही अलग होता है. इसके साथ छाछ की कढ़ी बनाई जाती है, जो हल्की और पाचन के लिए अच्छी मानी जाती है. यह जोड़ी निमाड़ की थाली का दिल है.
मेहमान बिना खाए नहीं जाते
होली के दिन सुबह से ही लोगों का आना-जाना शुरू हो जाता है. पहले गुलाल लगाया जाता है, फिर बैठाकर पूरनपोली और कढ़ी खिलाई जाती है. ग्रामीण इलाकों में तो आज भी बिना पूरनपोली खिलाए मेहमान को जाने नहीं दिया जाता. यह परंपरा सिर्फ खाने की नहीं, बल्कि रिश्तों को मजबूत करने की है.
परंपरा जो पीढ़ियों से चल रही है
LOCAL 18 से बातचीत में लव जोशी बताते हैं कि निमाड़ की होली की असली पहचान यही पारंपरिक पकवान हैं. यह परंपरा बुजुर्गों से चली आ रही है और आज भी लोग पूरे उत्साह से निभा रहे हैं. गुझिया, मालपुआ और दही वड़ा भी बनते हैं, लेकिन पूरनपोली और छाछ की कढ़ी का स्थान सबसे खास है.
स्वाद में बसती है संस्कृति
निमाड़ की होली इसीलिए अलग है क्योंकि यहां रंगों के साथ संस्कार भी नजर आते हैं. यह त्योहार सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि अपनत्व और परंपरा को जीवित रखने का माध्यम है. यही वजह है कि निमाड़ की होली पूरे प्रदेश में खास पहचान रखती है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें