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Mahakal Aarti Time: उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में 3 मार्च 2026 को पड़ने वाले चंद्र ग्रहण के कारण पूजा-पद्धति में बदलाव किया गया है. इस कारण सुबह भोग आरती में केवल शक्कर का भोग अर्पित किया जाएगा. ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर में शुद्धिकरण, भगवान का स्नान-पूजन और फिर संध्या आरती संपन्न की जाएगी.
Mahakal Temple Holi Aarti Time: उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आगामी दिनों में पड़ने वाले चंद्र ग्रहण, होलिका दहन, धुलंडी और रंगपंचमी को लेकर पूजा-पद्धति एवं आरती व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. मंदिर प्रशासन ने परंपरा के अनुसार इन बदलावों की जानकारी जारी की है. 03 मार्च 2026, मंगलवार को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण रहेगा. यह ग्रहण शाम 6 बजकर 32 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक कुल 14 मिनट का होगा. हालांकि, ग्रहण का वेदकाल सूर्योदय से ही शुरू हो जाएगा.वेदकाल प्रभाव के चलते सुबह होने वाली दद्योदक आरती और भोग आरती में भगवान महाकाल को केवल शक्कर का भोग अर्पित किया जाएगा. ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिर परिसर में शुद्धिकरण की प्रक्रिया होगी, इसके बाद भगवान का स्नान-पूजन कर भोग अर्पित किया जाएगा और संध्या आरती संपन्न की जाएगी.
होलिका दहन और धुलंडी
मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार 02 मार्च को संध्या आरती के बाद होलिका दहन किया जाएगा. सायं आरती में भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल और शक्कर की माला अर्पित की जाएगी. आरती के पश्चात मंदिर प्रांगण में ओंकारेश्वर मंदिर के सामने विधिवत पूजन के बाद होलिका दहन किया जाएगा. वहीं, 3 मार्च को धुलंडी पर्व के अवसर पर सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में सबसे पहले मंदिर के पुजारी-पुरोहितों द्वारा भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित किया जाएगा.
आरती समय में बदलाव
परंपरा के अनुसार, 4 मार्च 2026 से चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से लेकर अश्विन पूर्णिमा तक भगवान महाकाल की आरतियों के समय में परिवर्तन किया जाएगा. इसके तहत
- प्रथम भस्म आरती: सुबह 4 से 6 बजे
- दद्योदक आरती: सुबह 7 से 7:45 बजे
- भोग आरती: सुबह 10 से 10:45 बजे
- संध्या पूजन: शाम 5 से 5:45 बजे
- संध्या आरती: शाम 7 से 7:45 बजे
शयन आरती: रात 10:30 से 11 बजे तक होगी
मंदिर प्रशासन के अनुसार भस्म आरती, संध्या पूजन और शयन आरती अपने निर्धारित समय पर ही संपन्न होंगी.
रंगपंचमी विशेष
8 मार्च 2026 को रंगपंचमी के अवसर पर परंपरा अनुसार बाबा महाकाल का भव्य ध्वज चल समारोह भी निकाला जाएगा. इस तरह उज्जैन में पर्व, परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें