उमरिया में होली पर्व के मद्देनजर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम और सामान्य वन मंडल के जंगलों में विशेष निगरानी शुरू की गई है। शिकार और आगजनी की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए 1000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी दिन-रात गश्त कर रहे हैं। जंगल से जुड़े गांवों और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वन विभाग के अनुसार, होली के दौरान शिकारी गतिविधियों की आशंका बढ़ जाती है, जिसके चलते रात की गश्त तेज की गई है। इसके अतिरिक्त, जंगलों में सूखी घास और पत्तों के कारण आग लगने का खतरा भी अधिक रहता है। इसे देखते हुए फायर लाइन, पेट्रोलिंग और त्वरित प्रतिक्रिया दल सक्रिय किए गए हैं।
बिजली लाइनों पर निगरानी, शिकार रोकने अमला सतर्क बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और इससे जुड़े वन क्षेत्रों में बाघों और अन्य वन्य प्राणियों की आवाजाही को देखते हुए भी वन विभाग सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। जंगल से गुजरने वाली विद्युत लाइनों के नीचे भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। गांवों में बिजली बार-बार ट्रिप होने पर वन अमला तुरंत लाइन क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाता है, क्योंकि कुछ शिकारी करंट लगाकर वन्यजीवों का शिकार करते हैं। होली के दौरान जंगल सुरक्षा को लेकर वन अमला अलर्ट सामान्य वन मंडल के अनुविभागीय अधिकारी कुलदीप त्रिपाठी ने बताया कि होली से पहले और बाद के दिनों में विशेष सर्च अभियान जारी है और पूरा स्टाफ अलर्ट पर है। वन विभाग ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि जंगल में आग या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना दें, ताकि बाघ सहित अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Source link