गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की मांग: पदाधिकारियों ने पारित किया अविश्वास प्रस्ताव; 9 मार्च तक का दिया अल्टीमेटम – Chhindwara News

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की मांग:  पदाधिकारियों ने पारित किया अविश्वास प्रस्ताव; 9 मार्च तक का दिया अल्टीमेटम – Chhindwara News




छिंदवाड़ा में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) में नेतृत्व को लेकर विवाद खुलकर सामने आ गया है। प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम को हटाने की मांग को लेकर पार्टी के कई जिलों के पदाधिकारी एकजुट हो गए हैं। सिवनी जिले के छपारा में हुई बैठक में पदाधिकारियों ने उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर 9 मार्च तक नेतृत्व परिवर्तन का अल्टीमेटम दिया है। बंजारी हॉल में हुई मैराथन बैठक बंजारी हॉल में सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल, बालाघाट और मंडला सहित प्रदेश के कई जिलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए। पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। साथ ही राष्ट्रीय नेतृत्व को 9 मार्च तक का समय दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय में निर्णय नहीं हुआ तो 22 मार्च को पदाधिकारी सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं। तानाशाही और संविधान उल्लंघन के आरोप बैठक में मौजूद नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश अध्यक्ष पार्टी संविधान के विरुद्ध गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि बिना जिला और ब्लॉक इकाइयों की सहमति के सीधे नियुक्तियां की जा रही हैं, जो पार्टी के लोकतांत्रिक ढांचे के खिलाफ है। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर निष्कासन की धमकी दी जा रही है, जिससे संगठन में असंतोष बढ़ रहा है। राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजा प्रस्ताव बैठक के बाद पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर युक्त प्रस्ताव और एक वीडियो संदेश राष्ट्रीय कमेटी को भेजा है। उनका कहना है कि यह कदम पार्टी और आंदोलन को बचाने के लिए उठाया गया है और उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रीय नेतृत्व कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझते हुए उचित निर्णय लेगा। जिला अध्यक्ष को हटाने के बाद बढ़ा विवाद गोंगपा में विवाद उस समय और गहरा गया जब प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम ने हाल ही में छिंदवाड़ा जिला अध्यक्ष देवरावेन भलावी को पद से हटाकर धनपाल धुर्वे को नियुक्त कर दिया। इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर दो गुट बनने की चर्चा है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष के पास भलावी के खिलाफ पार्टी के नाम पर गलत गतिविधियों की शिकायतें भी पहुंची थीं।



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