Last Updated:
मंडला के बिछिया थाना क्षेत्र के बरखेड़ा गांव में बच्चा चोरी की अफवाह ने एक नाबालिग की जान ले ली. भीड़ ने उसे बाल पकड़कर डंडों से पीटा. अधमरा हालत में अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन वह लापता हो गया. बाद में सड़क हादसे में मौत हो गई. पहचान अभी तक नहीं हुई. एसपी रजत सकलेचा ने वीडियो के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिया और अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की.
मंडला में पुलिस मामले की जांच कर रही है.
मंडला. जिले में एक बार फिर अफवाहों ने निर्दोष की जान ले ली है. बिछिया थाना क्षेत्र के बरखेड़ा गांव में बच्चा चोरी की झूठी खबर फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ ने एक अज्ञात नाबालिग लड़के को घेर लिया. वीडियो में साफ दिखता है कि लोग उसे बच्चा चोर समझकर बाल पकड़कर जमीन पर पटक रहे हैं, डंडों से बेरहमी से पीट रहे हैं. बच्चा रोता-चीखता रहा लेकिन कोई नहीं रुका. सरपंच की सूचना पर पुलिस पहुंची तो बालक को अधमरा हालत में अस्पताल पहुंचाया गया. शुरुआती जांच में पता चला कि वह मानसिक रूप से कमजोर था और उसकी पहचान भी नहीं हो पाई.
अस्पताल में भर्ती के एक दिन बाद ही वह इलाज के दौरान लापता हो गया. फिर कुछ घंटों बाद सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई. पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने अंतिम संस्कार किया लेकिन परिजनों की तलाश अभी भी जारी है. मंडला पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने साफ कहा कि भीड़ द्वारा किसी की पिटाई गंभीर अपराध है और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने अपील की कि अफवाहों पर भरोसा न करें, संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो 112 पर सूचना दें. कानून हाथ में लेना खतरनाक है. यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि पूरे सिस्टम, समाज और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक निर्दोषों की जानें ली जाएंगी.
बच्चा चीखता रहा लेकिन भीड़ नहीं रुकी
26 फरवरी को बरखेड़ा गांव में बच्चा चोर की अफवाह फैली. अचानक भीड़ इकट्ठी हुई और एक घूमते हुए नाबालिग को पकड़ लिया. वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटकता है जबकि दूसरे डंडे से पीटते हैं. बच्चा चीखता रहा लेकिन भीड़ नहीं रुकी. सरपंच ने पुलिस को सूचना दी तो बिछिया थाना टीम पहुंची और बालक को बचाकर अस्पताल भिजवाया.
अस्पताल से लापता और सड़क हादसा
27 फरवरी को इलाज के दौरान बालक अस्पताल से भाग निकला. कुछ देर बाद सड़क पर हादसे का शिकार हो गया. पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया और अंतिम संस्कार किया. पहचान अभी तक नहीं हुई है. SP रजत सकलेचा ने बताया कि बालक मानसिक रूप से कमजोर दिख रहा था.
पुलिस कार्रवाई और वीडियो आधारित केस
वायरल वीडियो के आधार पर बिछिया पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. आरोपियों की पहचान शुरू हो चुकी है और सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. SP ने साफ चेतावनी दी कि अफवाह फैलाना या भीड़ बनाना दंडनीय अपराध है. मंडला में पिछले दिनों पुलिस ने कई बार अपील की थी कि बच्चा चोरी गैंग की कोई घटना नहीं है. फिर भी हिरदेनगर, मधुपुरी जैसे इलाकों में भीड़ ने निर्दोषों को घेरा था. पुलिस ने कई बार लोगों को बचाया लेकिन इस बार देरी हुई और मौत हो गई.
About the Author
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें