फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर सोमवार को शहर में अलग-अलग स्थानों पर होलिका दहन किया गया। बुराई पर भक्ति की विजय के प्रतीक पर्व के रूप में शहर के प्रमुख चौराहों, कॉलोनियों और गली-मोहल्लों में शुभ मुहूर्त में होलिका दहन हुआ। जिसमें मुख्य रूप से बड़ा बाजार गांधी चौक, इतवारा बाजार स्थित सरस्वती मंदिर, दत्त मंदिर, काकागंज हनुमान मंदिर, मोतीनगर चौराहा, भीतर बाजार, सदर, गोपालगंज, सिविल लाइन, तिली, मकरोनिया स्थित राम दरबार समेत अनेक स्थानों पर होली समितियों द्वारा होलिका दहन किया गया। इस बार अधिकांश स्थानों पर लकड़ी और कंडे से बनी होलिका का दहन किया गया। इसमें विशेष होली देवरी की रही। जहां पर होलिका के मॉडर्न स्वरूप में प्रतिमा स्थापित की गई। आकर्षण का केंद्र बनी होलिका का दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। होलिका दहन के साथ ही अबीर-गुलाल उड़ना शुरू हो गया। लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाई और मिठाई खिलाकर रंगों के पर्व होली की बधाइयां दी।
देवरी में मॉडर्न होलिका का हुआ दहन
जिले के देवरी में शिक्षा सदन चौराहे पर अनोखी होलिका का दहन किया गया। महाकाली गणेश युवा समिति पिछले 18 सालों से होलिका दहन का आयोजन करता आ रहा है। इस बार समिति ने भक्त प्रह्लाद की बुआ होलिका का मॉडर्न रूप को प्रदर्शित किया। जिसमें होलिका मोबाइल लिए बात करते हुए दिखाई दीं। छाता लगाए हुए थीं। रात में होलिका दहन कार्यक्रम में नगरवासियों की भीड़ जमा हुई। लोगों ने विधि-विधान के साथ होलिका दहन किया। होली दहन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। ताकि आयोजन शांतिपूर्ण संपन्न हो सके। मंगलवार को नहीं इस बार बुधवार को खिलेगी धुलेंडी
इस बार होलिका दहन के दूसरे दिन चंद्रग्रहण होने के कारण धुलेंडी नहीं खेली जाएगी। क्योंकि सुबह से ही सूतक शुरू होगा। इस कारण बुधवार को धुलेंडी खेली जाएगी। लोग सुबह से ही मंदिरों में पहुंचकर भगवान को रंग लगाएंगे। जिसके बाद अबीर-गुलाल उड़ेगा।
Source link