MP में खेली जाती है अनूठी होली, देवर डालता है रंग, भाभी करती है काजल से श्रृंगार

MP में खेली जाती है अनूठी होली, देवर डालता है रंग, भाभी करती है काजल से श्रृंगार


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MP में खेली जाती है अनूठी होली, देवर डालता है रंग, भाभी ऐसे देती है जबाब

 

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देवर-भाभी की होली: मध्य प्रदेश के विंध्य अंचल में देवर-भाभी की कजरौटा होली चर्चा में रहती है. यहां होली को फगुआ कहा जाता है. यह सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक है. लोग पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं. इसकी सबसे खास पहचान भाभी-देवर के स्नेहिल रिश्ते से जुड़ी अनोखी परंपरा की है. फगुआ की शुरुआत होते ही गांवों में नगरिया, ढोलक, मंजीरा और हारमोनियम की थाप पर पारंपरिक गीत गूंजने लगते हैं. घर-आंगन रंग और गुलाल से भर उठते हैं. हंसी-ठिठोली के बीच एक खास रस्म निभाई जाती है. भाभी अपने देवर को काजल लगाती है और रंग-बिरंगे बताशा खिलाती है. फगुआ के दिन देवर-भाभी के बीच चुटीले गीत गाए जाते हैं. मजाक होता है, लेकिन मर्यादा और सम्मान हमेशा कायम रहता है. यही संतुलन इस रिश्ते को खास बनाता है. लोकगीतों में भी इस रिश्ते की झलक मिलती है, जो उत्सव को और रंगीन बना देती है.



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