MP में संघ पर बनी फिल्म ‘शतक’ टैक्स फ्री: CM बोले- यह राष्ट्रसेवा और संस्कारों को सशक्त रूप में करती है प्रस्तुत – Bhopal News

MP में संघ पर बनी फिल्म ‘शतक’ टैक्स फ्री:  CM बोले- यह राष्ट्रसेवा और संस्कारों को सशक्त रूप में करती है प्रस्तुत – Bhopal News




एमपी की मोहन सरकार ने शतक फिल्म को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री कर दिया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक्स इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा- हिंदी फिल्म ‘शतक’ को सम्पूर्ण मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री किया है। यह फिल्म राष्ट्रसेवा और संस्कारों की उस परंपरा को सशक्त रूप में प्रस्तुत करती है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दशकों से जीवित रखा है। फिल्म ‘शतक’ संदेश देती है कि संगठित विचार, चरित्र और सेवा भाव से ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। यह फिल्म 20 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल के सफर को दिखाया गया है। फिल्म की शुरुआत 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार (डॉक्टरजी) द्वारा संघ की स्थापना से होती है। इसमें दिखाया है कि कैसे एक छोटे से समूह से शुरू हुआ यह संगठन आज एक विशाल वटवृक्ष बन गया है। हेडगेवार और गोलवलकर के संघर्ष को बताया प्रमुख व्यक्तित्व: फिल्म में संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार और उनके उत्तराधिकारी गुरुजी (माधव सदाशिव गोलवलकर) के जीवन और उनके संघर्षों को प्रमुखता से दिखाया है। फिल्म में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में संघ के योगदान, विभाजन के समय की स्थिति, दादरा और नगर हवेली की मुक्ति, कश्मीर का मुद्दा और 1975 के आपातकाल (Emergency) के दौरान संगठन के संघर्षों का चित्रण किया गया है। एआई से बनाए ग्राफिक्स : इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और उन्नत ग्राफिक्स का उपयोग करके वीर सावरकर, महात्मा गांधी, सरदार पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को पर्दे पर जीवंत किया गया है। फिल्म की कहानी को बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने अपनी आवाज़ दी है। दिल्ली, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी टैक्स फ्री फिल्म के निर्देशक आशीष मॉल हैं और निर्माता वीर कपूर हैं। इस फिल्म के महत्व को देखते हुए दिल्ली, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की राज्य सरकारों ने इसे टैक्स फ्री (कर मुक्त) कर दिया है ताकि अधिक से अधिक युवा इसे देख सकें। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है। जहां एक वर्ग इसे राष्ट्रभक्ति और इतिहास से रूबरू कराने वाली एक प्रेरक फिल्म बता रहा है, वहीं कुछ समीक्षकों ने इसे एक ‘डॉक्यूमेंट्री’ जैसा बताया है। जिसमें बहुत सारी ऐतिहासिक घटनाओं को कम समय में समेटने की कोशिश की गई है।



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