RSS-BJP पदाधिकारी ने SI पर फेंकी चाबी, कहा-औकात दिखानी पड़ेगी: चेकिंग करने पर भड़के; बोले- हमारी सरकार देती है तनख्वाह, अब गाड़ी घर लाना – nagda junction News

RSS-BJP पदाधिकारी ने SI पर फेंकी चाबी, कहा-औकात दिखानी पड़ेगी:  चेकिंग करने पर भड़के; बोले- हमारी सरकार देती है तनख्वाह, अब गाड़ी घर लाना – nagda junction News


नागदा में होली के मद्देनजर चल रही वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम और RSS-BJP पदाधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि ब्रेथ एनालाइजर से जांच की बात पर पदाधिकारी भड़क गए। इस दौरान एक पदाधिकारी ने सब इंस्पेक्टर पर गाड़ी की चाबी फेंक दी और कहा—“अब

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मंगलवार दोपहर उप निरीक्षक योगिता उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच कर रही थी। इसी दौरान RSS के जिला सह-कार्यवाह राय सिंह चौधरी और भाजपा मंडल उपाध्यक्ष शंकर लाल प्रजापत मौके पर पहुंचे और कार्रवाई को लेकर पुलिस से उलझ पड़े।

ब्रेथ एनालाइजर से जांच के दौरान बढ़ा विवाद

एसआई वीरेंद्र सिंह चौहान ने वाहन रोककर ब्रेथ एनालाइजर से जांच की बात कही। आरोप है कि इसी दौरान बहस तेज हो गई और राय सिंह चौधरी ने गाड़ी की चाबी एसआई की ओर फेंकते हुए कहा- “अब गाड़ी तुम मेरे घर देने आओगे।”

देखिए तस्वीरें

पुलिस ने पदाधिकारियों की ब्रेथ एनालाइजर ने जांच की।

वाहन चेकिंग के लिए रोकने पर दोनों पदाधिकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया।

वाहन चेकिंग के लिए रोकने पर दोनों पदाधिकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया।

दोनों नेताओं ने पुलिस पर गाड़ी की चाबी फेंककर घर पहुंचाने की बात कही।

दोनों नेताओं ने पुलिस पर गाड़ी की चाबी फेंककर घर पहुंचाने की बात कही।

भाजपा नेता बोले- तुम पब्लिक सर्वेंट हो

भाजपा मंडल उपाध्यक्ष शंकर लाल प्रजापत ने भी कथित तौर पर पुलिसकर्मी से कहा—“तुम पब्लिक सर्वेंट हो और तुम्हें तनख्वाह हमारी सरकार देती है। तुम्हें औकात दिखाना पड़ेगी।” कुछ देर तक मौके पर झड़प जैसी स्थिति बनी रही, हालांकि पुलिस टीम ने संयम रखा।

पदाधिकारियों ने लगाया अभद्रता का आरोप

RSS के एक पदाधिकारी ने दावा किया कि पुलिस ने परिचय देने के बावजूद उनके साथ अभद्रता की। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार ठीक नहीं था, जिससे विवाद बढ़ा।

टीआई बोले-वैध दस्तावेज के बाद ही मिलेगा वाहन

थाना प्रभारी अमृत लाल गवरी ने बताया कि फिलहाल पदाधिकारियों पर कोई सीधी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्हें समझाइश देकर मौके से जाने दिया गया। हालांकि, चेकिंग के दौरान जब्त वाहन को वैध दस्तावेजों की जांच के बाद ही छोड़ा जाएगा। हंगामे के बाद पदाधिकारी काले रंग की स्कॉर्पियो में बैठकर वहां से रवाना हो गए।



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