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आगर मालवा के नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे नायब तहसीलदार की चप्पल चोरी हो गई. पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई. आरोपी की पहचान के बाद भी कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. अधिकारी ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
नलखेड़ा के नायब तहसीलदार ने थाने में शिकायत दी है.
आगर मालवा. जिले के नलखेड़ा में स्थित विश्व प्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. दर्शन के लिए पहुंचे एक शासकीय अधिकारी की चप्पल मंदिर परिसर से चोरी हो गई. घटना सामान्य लग सकती है, लेकिन जब पीड़ित एक नायब तहसीलदार हों और पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हो जाए, तो मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंच जाता है. शिकायत पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को लिखित रूप में दी गई है. नायब तहसीलदार का कहना है कि नलखेड़ा परिसर में श्रद्धालुओं को सुविधा और सुरक्षा मिले और चोरी जैसी शर्मनाक घटनाओं पर रोकथाम हो.
पुलिस को नायब तहसीलदार ने बताया कि घटना 2 मार्च की दोपहर की है. नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे. उन्होंने निर्धारित स्थान पर चप्पल उतारी और करीब दस मिनट बाद लौटे तो वह गायब मिली. सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक व्यक्ति चप्पल ले जाते हुए दिखाई दिया. मंदिर प्रबंधन की मदद से उसकी पहचान की गई और उसे मंदिर बुलाया गया. यहां जब उससे पूछताछ की तो उसने चप्पल ले जाने की बात स्वीकार भी की. इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. मंदिर प्रशासन और पुलिस से इस मामले में एक्शन की दरकार है.
कैसे सामने आया मामला
मंदिर परिसर में लगे कैमरों ने पूरी घटना रिकॉर्ड की. फुटेज में एक व्यक्ति रसीद काउंटर के पास से चप्पल उठाकर ले जाता दिखा. पहचान के बाद संदिग्ध से पूछताछ की गई. बताया गया कि उसने चप्पल ले जाने की बात मानी है. घटना की जानकारी मिलते ही कुछ देर के लिए मंदिर परिसर में भीड़ जमा हो गई. श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बन गया कि जब सीसीटीवी लगे हैं, तब भी चोरी की घटनाएं क्यों हो रही हैं.
अधिकारी ने जताई चिंता, कहा- बात सिर्फ मेरी चप्पल की नहीं है
नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी ने कहा कि मंदिर जैसे आस्था केंद्र में ऐसी घटनाएं गंभीर हैं. उन्होंने बताया कि आरोपी का नाम और पता लिखित शिकायत में दिया गया है. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो अपराधियों के हौसले बढ़ सकते हैं. आज चप्पल चोरी हुई है, कल बड़ी वारदात हो सकती है. देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती है. ऐसे चोर आने वाले समय में लूटपाट भी कर सकते हैं. धार्मिक स्थान पर पुलिस और मंदिर प्रशासन की सख्त व्यवस्था होनी चाहिए.
पहले भी सामने आ चुकी हैं घटनाएं
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि मंदिर परिसर में पहले भी चप्पल चोरी की घटनाएं सामने आई हैं. श्रद्धालु अक्सर दर्शन के बाद अपनी चप्पल तलाशते नजर आते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहार और विशेष तिथियों पर भीड़ बढ़ने से ऐसे मामलों की आशंका और बढ़ जाती है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, फिर भी चोरी की घटनाएं हो रही हैं. इससे सुरक्षा मॉनिटरिंग और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि आस्था स्थलों पर सुरक्षा केवल कैमरों से नहीं, बल्कि सक्रिय प्रबंधन और त्वरित कार्रवाई से सुनिश्चित होती है. मामले में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. अब देखना होगा कि आरोपी के खिलाफ किस स्तर की कार्रवाई होती है और मंदिर प्रबंधन भविष्य में क्या कदम उठाता है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें