खून की हर बूंद से बचा रहे जीवन, 16 साल से इंसानियत का फर्ज निभा रहे शेलू

खून की हर बूंद से बचा रहे जीवन, 16 साल से इंसानियत का फर्ज निभा रहे शेलू


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Khandwa Blood Doner: शेलू मंडलोई के इस अभियान से खंडवा के 80 फीसदी से ज्यादा युवा जुड़े हुए हैं. ये सभी बिना किसी स्वार्थ के खून देने के लिए आगे आते हैं. शेलू का सपना है कि रक्तदान को एक जन-आंदोलन बनाया जाए ताकि किसी भी मरीज की जान खून की कमी से न जाए.

खंडवा. जब ज्यादातर लोग अपनी जिंदगी में व्यस्त रहते हैं, तब कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो दूसरों की जिंदगी बचाने को अपना मिशन बना लेते हैं. मध्य प्रदेश के खंडवा के रहने वाले शेलू मंडलोई उन्हीं लोगों में शामिल हैं, जो पिछले 16 सालों से लगातार रक्तदान कर इंसानियत की मिसाल बन चुके हैं. उन्होंने न सिर्फ खुद कई बार रक्तदान किया बल्कि एक ऐसी टीम तैयार की है, जो हर जरूरतमंद के लिए हर समय तैयार रहती है. शेलू मंडलोई इस मिशन के संस्थापक और अध्यक्ष हैं. वह पिछले 16 सालों से रक्तदान अभियान से जुड़े हुए हैं और अब तक 70 से ज्यादा बार रक्तदान कर चुके हैं. उनका कहना है कि रक्तदान करने से न सिर्फ किसी की जान बचती है बल्कि इससे आत्मिक संतुष्टि भी मिलती है. उनके लिए यह सेवा नहीं बल्कि इंसानियत का सबसे बड़ा धर्म है.

शेलू और उनकी टीम ने अब तक हजारों जरूरतमंद मरीजों को समय पर खून उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाई है. उनका ग्रुप 24 घंटे सक्रिय रहता है और जैसे ही कहीं से खून की जरूरत का कॉल आता है, टीम के सदस्य तुरंत अस्पताल पहुंच जाते हैं. इस अभियान से जुड़कर कई युवा भी समाज सेवा की नई मिसाल पेश कर रहे हैं.

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान
शेलू मंडलोई और उनके ग्रुप के इस मिशन को अब अंतर्राष्ट्रीय पहचान भी मिल चुकी है. हैदराबाद में आयोजित एक प्रतिष्ठित समारोह में उनके समूह को बेस्ट सोशल ब्लड डोनर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन हजारों लोगों की जिंदगी का प्रतीक है, जिन्हें समय पर खून मिलने से नया जीवन मिला.

युवाओं को जोड़ बना दिया जन-आंदोलन
आज शेलू मंडलोई के इस अभियान से खंडवा के 80 प्रतिशत से ज्यादा युवा जुड़े हुए हैं. ये सभी बिना किसी स्वार्थ के रक्तदान के लिए आगे आते हैं. शेलू का सपना है कि रक्तदान को एक जन-आंदोलन बनाया जाए ताकि किसी भी मरीज की जान खून की कमी से न जाए.

ओंकारेश्वर मंदिर में रक्तदाताओं को मिली खास सुविधा
शेलू मंडलोई की पहल पर अब ओंकारेश्वर मंदिर में रक्तदान करने वाले श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन की सुविधा भी दी जा रही है. उनका मानना है कि इससे लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और ज्यादा लोग इस नेक काम से जुड़ेंगे.

एक यूनिट खून जिंदगी बचा सकता है
शेलू मंडलोई का मानना है कि बदलाव की शुरुआत एक व्यक्ति से होती है. उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है. उनका मिशन आज हजारों लोगों के लिए उम्मीद बन चुका है. खंडवा का यह युवा आज सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि इंसानियत की पहचान बन चुका है, जो हर बूंद खून के साथ किसी को नया जीवन दे रहा है.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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