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Jabalpur News: यह सड़क जबलपुर की व्यस्त सड़कों में गिनी जाती है. दिनभर यहां से दोपहिया वाहन, गाड़ियां और भारी वाहन गुजरते हैं. इस सड़क को जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने तैयार किया था. इस रोड से न केवल वाहन बल्कि स्कूल-कॉलेज के छात्र भी आते-जाते हैं.
जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर की सड़कों पर सुरक्षा के दावे किए जाते हैं लेकिन हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. अधारताल से महाराजपुर तक सड़क के बीच बने डिवाइडर में लगी लोहे की जालियां एक-एक कर गायब हो रही हैं. कई जगहों पर जालियां पूरी तरह उखाड़ ली गई हैं, तो कहीं टूटी हालत में पड़ी हैं, लोकल 18 की टीम जब मौके पर पहुंची, तब सबसे हैरान करने वाली बात यह दिखी कि जिस मेन रोड में यह चोरी हो रही है, वहीं सामने अधारताल थाना भी है. नगर निगम कार्यालय के साथ ही भाजपा पार्षद शरद श्रीवास्तव का कार्यालय भी स्थित है. इसके बावजूद डिवाइडर से लोहे की जालियां चोरी हो रही हैं. सवाल उठता है कि आखिर कौन लोग हैं, जो सरेआम डिवाइडर से जालियां उखाड़कर ले जा रहे हैं और जिम्मेदारों को इसकी भनक तक नहीं लग रही.
यह सड़क शहर की व्यस्त सड़कों में गिनी जाती है. दिनभर यहां से दोपहिया वाहन, कारें और भारी वाहन गुजरते हैं. इस सड़क को जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने तैयार किया था. इस रोड से न सिर्फ वाहन बल्कि स्कूल-कॉलेज के छात्र भी आते-जाते हैं. डिवाइडर की जालियां हटने से लोग बीच सड़क से ही पार करने लगते हैं, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ गया है. क्या जालियां चोरी का यह खेल रात के अंधेरे में हो रहा है या फिर दिनदहाड़े ही सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी जा रही है.
लाखों की जालियां, अधिकारियों ने झाड़ा पल्ला
स्थानीय नागरिक अभी कनौजिया ने लोकल 18 से कहा कि कई दिनों से यह स्थिति बनी हुई है. यह जालियां आम नहीं बल्कि हमारे टैक्स के पैसे से लगाई गई हैं, जिनकी कीमत लाखों में हैं लेकिन न तो कोई जांच हुई और न ही नई जालियां लगाई गईं. इस रोड से लाखों रुपये की जालियां चोरी हो गईं. हालांकि जब हमने नजदीक में बने नगर निगम के संभागीय कार्यालय 7, अधारताल जोन में बातचीत की, तब उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि जालियों की देखरेख नगर निगम का गार्डन विभाग करता है.
सीसीटीवी से होगा खुलासा
बहरहाल लोगों ने मांग की है कि पूरे मार्ग का तुरंत निरीक्षण किया जाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और जहां-जहां जालियां गायब हैं, वहां नई जालियां लगाई जाएं. अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है क्योंकि सवाल सिर्फ लोहे की जालियों का नहीं बल्कि शहरवासियों की सुरक्षा और व्यवस्था की साख का भी है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.