झाबुआ-बावन जिनालय में साध्वी श्री दर्शनकला श्रीजी का प्रवचन: कहा- जीवन को धर्म आराधना से सफल बनाएं, जैन दर्शन के रहस्य भी समझाए – Jhabua News

झाबुआ-बावन जिनालय में साध्वी श्री दर्शनकला श्रीजी का प्रवचन:  कहा- जीवन को धर्म आराधना से सफल बनाएं, जैन दर्शन के रहस्य भी समझाए – Jhabua News




झाबुआ के ज्ञान मंदिर बावन जिनालय में इन दिनों धर्म आराधना का विशेष आयोजन चल रहा है। पुण्य सम्राट श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वर जी म सा की सुशिष्या साध्वी श्री दर्शनकला श्रीजी एवं साध्वी श्री जीवनकला श्रीजी सहित आठ साध्वियों के सान्निध्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्म लाभ ले रहे हैं। आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी श्री दर्शनकला श्रीजी ने कहा कि अनंत पुण्यों के उदय से प्राप्त यह मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। इसे व्यर्थ की भागदौड़ और सांसारिक मोह-माया में गंवाने के बजाय अधिक से अधिक धर्म आराधना में लगाना चाहिए। उन्होंने जैन दर्शन के गूढ़ रहस्यों को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाते हुए बताया कि आत्मा के कल्याण का मार्ग केवल संयम, तप और त्याग से ही संभव है। संघ के डॉ. प्रदीप संघवी ने बताया कि वर्तमान में पूरा साध्वी मंडल गहन तपस्या में लीन है। इसमें साध्वी श्री दर्शनकला श्रीजी का छठा वर्षीतप, साध्वी श्री अपूर्वकला श्रीजी की 74वीं ओलिजी, साध्वी श्री सुमनकला श्रीजी एवं साध्वी श्री ध्रुवकला श्रीजी का पांचवां वर्षीतप तथा साध्वी श्री मंत्रकला श्रीजी का तीसरा वर्षीतप चल रहा है। इसके साथ ही, साध्वी श्री आदिशकला श्रीजी के प्रथम झाबुआ आगमन और उनके प्रथम वर्षीतप के उपलक्ष्य में विशेष चौबीसी और सामूहिक सामायिक का आयोजन भी किया जा रहा है। बावन जिनालय में प्रतिदिन प्रातः 9:30 से 10:30 बजे तक साध्वीजी के मंगल प्रवचनों का लाभ समाजजनों को मिल रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।



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