पन्ना में हाथ-पैर और कमर के पुराने दर्द से छुटकारा पाने की कोशिश में एक महिला और उसके दो बच्चों को अस्पताल पहुंचना पड़ा। बुधवार को सामने आई इस घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने जहरीले धतूरे का काढ़ा पी लिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। फिलहाल तीनों का इलाज जिला अस्पताल पन्ना में जारी है। ‘जानकार’ की सलाह पर बनाया सूप पन्ना निवासी 45 वर्षीय सावित्री बाई लंबे समय से जोड़ों और कमर के दर्द से परेशान थीं। उन्हें किसी परिचित ने सलाह दी थी कि धतूरा और ‘गरज’ नामक जड़ी-बूटी का काढ़ा पीने से पुराना दर्द जड़ से खत्म हो जाता है। इसी सलाह पर भरोसा करते हुए सावित्री बाई ने घर पर ही इसका सूप (काढ़ा) तैयार किया। काढ़ा पीते ही बिगड़ने लगी हालत बुधवार दोपहर के समय सावित्री बाई ने खुद वह काढ़ा पिया और अपने बेटे शिवम (22) और बेटी रेखा (24) को भी पिला दिया। सेवन के कुछ ही देर बाद तीनों को तेज चक्कर आने लगे, शरीर सुन्न पड़ गया और लगातार उल्टियां होने लगीं। हालत बिगड़ती देख परिजनों ने आनन-फानन में तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर बोले- धतूरा है जानलेवा जिला अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर आर.के. ठाकुर ने बताया कि समय पर अस्पताल आने की वजह से तीनों की जान बच गई है। उन्होंने बताया कि धतूरा एक अत्यंत जहरीला पौधा है, जिसका सीधा सेवन तंत्रिका तंत्र को ठप कर सकता है और जानलेवा साबित हो सकता है। तीनों खतरे से बाहर फिलहाल तीनों की स्थिति खतरे से बाहर है, लेकिन उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों ने आम जन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के दर्द या बीमारी के लिए बिना डॉक्टरी सलाह के जंगली जड़ी-बूटियों या जहरीले पौधों का प्रयोग न करें।
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