बड़ी बहन-प्रेमी ने छोटी की हत्या की: बॉयफ्रेंड से संबंध के आड़े आ रही थी छोटी बहन, रस्सी से बांधकर चाकू-पत्थर मारे – Madhya Pradesh News

बड़ी बहन-प्रेमी ने छोटी की हत्या की:  बॉयफ्रेंड से संबंध के आड़े आ रही थी छोटी बहन, रस्सी से बांधकर चाकू-पत्थर मारे – Madhya Pradesh News


क्राइम फाइल्स पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 22 फरवरी 2023 को नरसिंहपुर के साईंखेड़ा में शिखा की संदिग्ध मौत पूरे इलाके चर्चा का विषय बन गई। घटना के समय घर में शिखा के अलावा सिर्फ मां और बहन थीं। परिवार का कहना था कि बाथरूम में फिसलकर गिरने से शिखा की मौत

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हालांकि अस्पताल में डॉक्टरों को शरीर पर कई गंभीर चोटें दिखीं, जो सामान्य गिरने जैसी नहीं थीं। गर्दन के आसपास कटे घाव और शरीर पर कई निशान देखकर मामला संदिग्ध लगा।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि शिखा के शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। पैरों पर रस्सी के निशान मिले। गर्दन पर गहरे घाव थे, अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी मौत हुई। अब यह साफ हो चुका था कि यह हादसा नहीं, हत्या थी।

पुलिस के सामने सवाल था कि हत्या किसने और क्यों की?.. क्या हत्यारा घर का ही कोई था?पढ़िए आगे की कहानी…

शिखा अवस्थी की बेरहमी से हत्या की गई थी।

पुलिस ने अब हत्या के एंगल से जांच तेज कर दी थी। मोबाइल लोकेशन की सीडीआर रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि एक शख्स दोपहर 11:32 से 2:27 बजे तक साईंखेड़ा में मौजूद था-और यही वो वक्त था जब शिखा की हत्या हुई।

पुलिस का शक अब यकीन में बदलने लगा। सिम नंबर की जांच में पता चला कि वह मोबाइल नंबर राहुल सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड था।

राहुल और शिखा की कॉल डिटेल मैच नहीं हुई पुलिस ने राहुल के बारे में पूछताछ की, लेकिन किसी को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। शिखा की कॉल डिटेल्स में भी उस नंबर पर कोई कॉल रिकॉर्ड नहीं मिला, यानी राहुल ने कभी शिखा से फोन पर बात ही नहीं की थी।

यहां तक कि शिखा की बहन खुशबू के फोन पर भी राहुल से बातचीत का कोई सबूत नहीं था। अब पुलिस हैरान थी।

खुशबू की कॉल डिटेल से अमेठी से जुड़े हत्या के तार दूसरी ओर पुलिस शिखा की मां और बहन से सख्ती से पूछताछ कर रही थी। इसी सिलसिले में खुशबू के पास से एक बड़ा सुराग मिला। उसके पास चार फोन नंबर थे, जिनमें से कुछ घटना के बाद बंद कर दिए गए थे।

पुलिस ने जब उन नंबरों की जांच की तो कॉल डिटेल्स पुलिस को नरसिंहपुर से सैकड़ों किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के अमेठी तक ले गई। राहुल सिंह यहीं का रहने वाला था, जिससे खुशबू काफी देर तक फोन पर बातें करती थी।

खुशबू का बॉयफ्रेंड था राहुल, शादी करना चाहते थे दोनों अमेठी निवासी राहुल खुशबू का बॉयफ्रेंड था। दोनों की पहचान एक साल पहले सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। एक साल से फोन पर लगातार बातें हो रही थीं और रिश्ता इतना गहरा हो चुका था कि दोनों शादी करना चाहते थे।

दोनों के बीच रिश्ते का मतलब ये निकालना कि उन्होंने ही शिखा की हत्या की ये संभव नहीं था। पुलिस को भी इसके पीछे कोई ठोस तर्क समझ नहीं आ रहा था। राहुल अपनी प्रेमिका की बहन को क्यों मारेगा? और अगर खुशबू ने उसका साथ दिया भी, तो अपनी छोटी बहन को क्यों मारना चाहेगी? पुलिस ने परिजनों से 7 दिनों तक लगातार पूछताछ की दोनों बहनों के बीच संबंधों को परखने के लिए पुलिस ने 7 दिनों तक परिजनों से लगातार पूछताछ जारी रखी। शिखा के मामा अरुण ने बताया कि शिखा और खुशबू में बचपन से ही नहीं बनती थी-दोनों अकसर आपस में झगड़ती रहती थीं।

खुशबू बड़ी बहन थी, लेकिन शिखा उसे बार-बार परेशान करती। यह बात शिखा और खुशबू की मां बबली ने अपने भाई व मां को कई बार बताई भी थी।

राहुल को पकड़ा तो खुलने लगी वारदात की परतें पुलिस को पता चला कि खुशबू का बॉयफ्रेंड राहुल 28 तारीख को फिर साईंखेड़ा मिलने आ रहा है। पुलिस ने प्लान बनाया और 28 फरवरी को घेराबंदी कर साईंखेड़ा पहुंचते ही राहुल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में राहुल से पूरी कहानी परत-दर-परत खुलने लगी।

राहुल खुशबू से शादी करना चाहता था, लेकिन शिखा दोनों की शादी के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बन रही थी। शिखा बिल्कुल नहीं चाहती थी कि उसकी बहन राहुल से शादी करे। इस बात को लेकर दोनों बहनों में हमेशा तनाव रहता था।

मां को नींद की गोलियां दी, फिर शिखा को मारा खुशबू ने राहुल के सामने साफ शर्त रखी कि अगर उसके साथ शादी करनी है, तो पहले शिखा को रास्ते से हटाना पड़ेगा। फिर दोनों ने हत्या की खौफनाक साजिश रची। 22 फरवरी को राहुल अमेठी से नरसिंहपुर पहुंचा।

पहले मां को खाने में नींद की गोलियां मिलाकर सुला दिया। फिर दोपहर के सन्नाटे में घर में खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। दोनों ने शिखा को रस्सी से बांध लिया, फिर सीमेंट टंकी के भारी ढक्कन से उसके सिर पर जोरदार हमला किया। इसके बाद चाकू से गले पर तब तक कई वार किए, जब तक शिखा की सांसें हमेशा के लिए थम नहीं गईं। खून के धब्बे साफ किए और रस्सी खोल दी शिखा की मौत के बाद दोनों ने शव को बाथरूम में इस तरह लिटा दिया जैसे वह फिसलकर गिर गई हो। आसपास के खून के धब्बे साफ कर दिए, रस्सी खोल दी और सब कुछ वैसा जमा दिया मानो वहां कुछ हुआ ही न हो।

इसके बाद बाथरूम में फिसलन से मौत की झूठी कहानी गढ़ ली। हत्या के बाद राहुल चुपचाप घर से निकलकर अमेठी लौट गया।

राहुल और खुशबू को आजीवन कारावास की सजा मिली एक बहन ने प्रेम के लिए अपनी ही छोटी बहन की जान ले ली। यह सनसनीखेज मामला नरसिंहपुर जिला कोर्ट में करीब डेढ़ साल चला। 18 दिसंबर 2024 को जिला न्यायालय ने खुशबू और उसके प्रेमी राहुल सिंह को शिखा हत्याकांड में दोषी ठहराते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

एक साल बाद दोनों ने जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सजा में राहत मांगी, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।

स्कूल-कॉलेजों में मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें- कोर्ट सुनवाई के दौरान जबलपुर हाईकोर्ट ने इस हत्याकांड पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की और राज्य सरकार को ठोस निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि यह मामला बहनों के बीच ईर्ष्या से उपजी मानसिक विकृति का प्रतीक है।

युवाओं के मेंटल हेल्थ पर ध्यान देना राज्य सरकार की नैतिक जिम्मेदारी भी है। इसलिए राज्य सरकार स्कूल-कॉलेजों में मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट की तत्काल नियुक्ति करें। साथ ही सभी जिला अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य क्लीनिक शुरू करने के आदेश दिए।

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