छतरपुर. बुंदेलखंड में जब किसी के घर में शादी होती है, तो तमाम तरह की चीजें आती हैं. एक महीने पहले से ही शादी में लगने वाला सामान जुटाना शुरू कर दिया जाता है लेकिन अगर सूपा, बिजना, दौरी और टिपार नहीं खरीदा, तो फिर शादी की बहुत सी रस्में छूट जाती हैं. छतरपुर जिले में आज भी बेटियों की शादी में बिजना, सूपा और दौरिया जैसे पारंपरिक सामान दिए जाते हैं. कहते हैं कि बेटी की तरफ से अगर ये सामान नहीं आया, तो झगड़े भी हो जाते हैं. बेटी की शादी में भले ही लाखों रुपये का सामान मिला हो लेकिन इन पुरानी चीजों के बिना शादी अधूरी मानी जाती है, इसलिए जिले में इस समय इनकी डिमांड भी बढ़ गई है.
छतरपुर की छोटी बाई लोकल 18 से बातचीत बताती हैं कि सूपा, बिजना, दौरिया, टिपार और डलिया बनाने का काम हमारा पीढ़ियों से है. उनकी बहू भी बनाती है. वह खुद 20 सालों से बना रही हैं और बाजार जाकर बेचती भी हैं. अगर किसी ने घर में देने का बोल दिया, तो घर भी देने जाती हैं. फिलहाल अभी शादी का सीजन चल रहा है, तो इन सभी की डिमांड बहुत ज्यादा है.
निहारिन रस्म में जरूरी सूपा
छोटी बाई बताती हैं कि छतरपुर ही नहीं पूरे बुंदेलखंड में चाहें शहर की शादी हो या गांव की, विदाई के बाद जब दुल्हन अपने ससुराल पहुंचती है, तो सूपे से ही नई दुल्हन का निहारन किया जाता है. साथ ही यह घर के काम में भी उपयोग होता है. ग्रामीण इलाकों में अनाज इसी सूपे से साफ किया जाता है.
ऐसे बनाती हैं सूपा
छोटी बाई आगे बताती हैं कि वह अपने हाथ से ही सूपा, बिजना, दौरिया और डलिया-टिपार बनाती हैं. सूपा बनाने के लिए कानपुर से सीकें लाते हैं और बांस अपने आसपास के खेत से तोड़ लेते हैं. फिर कटिंग करते हैं और बिनाव करते हैं. इसके बाद जाकर सूपा बनकर तैयार होता है. लड़का-लड़की दोनों की शादी में सूपा लगता है.
दौरी की भारी मांग
वह बताती हैं कि लड़की की शादी में सबसे ज्यादा दौरी या दौरिया की जरूरत पड़ती है. यह एक छोटी सी टिपार होती है. लड़की की शादी में दौरिया देने की रस्म है. मामा अपने भांजे या भांजी की शादी में दौरिया में ही दाल, चावल आदि अनाज भरकर देते हैं. दौरिया की मांग हिंदुओं की शादियों तक सीमित नहीं है. इसे मुसलमान भी खरीदते हैं. उनकी शादियों में भी दौरिया इस्तेमाल होता है.
बड़ा टिपार भी जरूरी
वह आगे बताती हैं कि लड़का और लड़की की शादी में एक बड़ा सा टिपार भी लगता है. बेटी की विदा में टिपार में मिष्ठान भरकर दिया जाता है. वहीं लड़के वाले भी इसे खरीदते हैं क्योंकि पूरी से लेकर लड्डू जैसे मिष्ठान इसी बड़े टिपार में रखते हैं. इसके अलावा ये टिपार घर में अनाज धोने के काम आते हैं. बेटी की शादी में बिजना भी दिया जाता है. गर्मी के दिनों में ये बिजना हवा देने का काम करता है. जब कूलर, पंखे, एसी नहीं चलते थे, तो यही बिजना गर्मी से राहत देता था.
ये हैं रेट
वह बताती हैं कि अभी शादी का सीजन है, तो सूपा 150 रुपये का बेच रहे हैं और दौरिया 250 रुपये की बेच रहे हैं. वहीं जब शादी का सीजन नहीं रहता है, तो यही दौरिया 200 रुपये की बेचते हैं.