अयोध्या की तर्ज पर होंगे महाकाल की नगरी में एकलिंगनाथ भगवान के दर्शन, जानिए कौन करा रहा स्

अयोध्या की तर्ज पर होंगे महाकाल की नगरी में एकलिंगनाथ भगवान के दर्शन, जानिए कौन करा रहा स्


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महाराणा प्रताप की 77वीं पीढ़ी के युवराज लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ उज्जैन में करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से भव्य एकलिंगनाथ महादेव मंदिर का निर्माण कराएंगे. यह मंदिर अयोध्या राम मंदिर के वास्तुशिल्प की तर्ज पर बनेगा. यह परियोजना महाराणा प्रताप की परंपरा और आस्था का प्रतीक होगी, जिससे उज्जैन की धार्मिक पहचान और भी सशक्त होगी.

उज्जैन. विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में सैकड़ों मंदिर हैं. उन्हीं मंदिरों के बाद एक भव्य मंदिर का निर्माण होने जा रहा है. यह कोई आम मंदिर नही बल्कि भव्य एकलिंगनाथ महादेव मंदिर के नाम से विख्यात होगा. गुरुवार को महाराणा प्रताप की 77वीं पीढ़ी के युवराज डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ उज्जैन पहुंचे. यहां उन्होंने सबसे पहले बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया.

इसके बाद वे उज्जैन के नलवा गांव पहुंचे, जहां एक भव्य एकलिंगनाथ महादेव मंदिर के भूमिपूजन किया. खास बात यह है कि इस मंदिर का निर्माण स्वयं युवराज डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ करवा रहे हैं. यह मंदिर आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक बनेगा और आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए एक नया धार्मिक केंद्र होगा.

आखिर कौन है युवराज लक्ष्यराज सिंह?
उदयपुर के राजपरिवार से जुड़े लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ महाराणा प्रताप की 77वीं पीढ़ी के युवराज हैं. वे उज्जैन के नलवा गांव में एक भव्य मंदिर का निर्माण करवा रहे हैं. करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मंदिर भगवान एकलिंगनाथ महादेव को समर्पित होगा.युवराज लक्ष्यराज सिंह ने बताया कि सिंहस्थ 2028 से पहले मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा कर दी जाएगी. मंदिर में गौशाला, गुरुकुल, सुंदर बगीचा और श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी सुविधाएं होंगी, जिससे भक्तों को बेहतर दर्शन और सुविधा मिल सकेगी.

अक्षय तृतीया पर उज्जैन मे होंगे दर्शन 
वरिष्ठ समाजसेवी राजपाल सिंह सिसौदिया ने कहा कि मेवाड़ राजघराने की गहरी आस्था भगवान एकलिंगनाथ जी में रही है. महाराणा प्रताप भी उन्हें अपना इष्ट देव मानते थे. एकलिंगनाथ जी का प्राचीन स्थान अरावली पर्वत क्षेत्र में कैलाशपुरी के पास है. अब यह आस्था मेवाड़ से मालवा की ओर बढ़ रही है. यह पहल डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के मार्गदर्शन में हुई है, जिनके लिए उन्होंने मेवाड़ त्रिवेदी समाज संगठन का धन्यवाद किया. भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा वर्ष 2028 में अक्षय तृतीया के शुभ दिन संपन्न की जाएगी. उन्होंने कहा कि मेवाड़ का राजपरिवार इस पावन कार्य में शुरुआत से लेकर मंदिर की स्थापना तक पूरी तरह सहभागी रहेगा और हर चरण में सहयोग करता रहेगा.

अयोध्या के रूप में आएगा नजर
एकलिंगनाथ महादेव मंदिर का निर्माण अयोध्या राम मंदिर की तर्ज पर किया जाएगा. इसका डिजाइन अहमदाबाद के प्रसिद्ध सोमपुरा परिवार ने तैयार किया है. मंदिर निर्माण का कार्य भी वही कारीगर करेंगे, जिन्होंने अयोध्या में राम मंदिर बनाया है. इससे मंदिर मजबूत होगा और लंबे समय तक सुरक्षित रहेगा. मंदिर बनने के बाद उज्जैन में मेवाड़ और मालवा की सांस्कृतिक एकता देखने को मिलेगी.

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Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें



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