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Maize Farming Tips: रबी फसलों की कटाई के बाद खेत खाली छोड़ने के बजाय किसान मक्का की खेती करके अच्छी कमाई कर सकते हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार हाइब्रिड मक्का की फसल लगभग 90 से 100 दिनों में तैयार हो जाती है. मार्च के महीने में इसकी बुवाई किसानों के लिए फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि धान की रोपाई में अभी समय रहता है. सही तरीके से खेत की तैयारी, उर्वरक प्रबंधन और सिंचाई करने से मक्का की अच्छी पैदावार मिल सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय भी बढ़ाई जा सकती है.
Hybrid Farming Tips: रबी की फसलों जैसे मसूर और सरसों की कटाई के बाद कई किसानों के खेत कुछ समय के लिए खाली रह जाते हैं. लेकिन अगर किसान चाहें तो इसी समय का सही उपयोग करके अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक मार्च के महीने में हाइब्रिड मक्का की खेती करना किसानों के लिए फायदेमंद विकल्प हो सकता है. यह फसल करीब 90 से 100 दिनों में तैयार हो जाती है, इसलिए धान की रोपाई से पहले किसान इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
खेती से पहले खेत की सही तैयारी जरूरी
किसान सलाहकार अवनीश पटेल के अनुसार मक्का की अच्छी पैदावार के लिए खेत की तैयारी सबसे जरूरी होती है. सबसे पहले खेत की गहरी जुताई करनी चाहिए, जिससे मिट्टी में मौजूद कीटों के अंडे और रोगों के कारक खत्म हो जाते हैं. इसके बाद खेत में पाटा लगाकर उसे समतल करना चाहिए, ताकि सिंचाई के समय पानी पूरे खेत में समान रूप से फैल सके और बीजों का अंकुरण भी बेहतर हो.
उर्वरकों का संतुलित उपयोग बढ़ाएगा उत्पादन
मक्का की फसल को बढ़ने के लिए पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है. इसलिए नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश जैसे उर्वरकों का संतुलित उपयोग करना जरूरी है. विशेषज्ञों की सलाह है कि उर्वरकों का प्रयोग मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही किया जाए, ताकि फसल को सही मात्रा में पोषक तत्व मिल सकें और उत्पादन बेहतर हो.
आधुनिक तकनीक से होगी ज्यादा पैदावार
मक्का की बुवाई के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना भी काफी फायदेमंद माना जाता है. पारंपरिक तरीके से बीज छिड़कने की बजाय सीड ड्रिल या प्लांटर मशीन का इस्तेमाल करने से बीज सही गहराई और दूरी पर गिरते हैं. इससे पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और फसल का विकास बेहतर होता है.
सिंचाई और देखभाल का रखें खास ध्यान
बुवाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करना जरूरी होता है, ताकि बीज अपनी जगह से न बहें और मिट्टी में सख्त परत भी न बने. साथ ही खेत में पानी जमा नहीं होना चाहिए, क्योंकि जलभराव से मक्का की फसल को नुकसान हो सकता है. इसके लिए खेत में सही जल निकासी की व्यवस्था होना भी जरूरी है.
100 दिनों में मिल सकता है अच्छा मुनाफा
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसान समय-समय पर खरपतवार नियंत्रण और कीट प्रबंधन करते रहें, तो करीब 100 दिनों में मक्का की अच्छी पैदावार मिल सकती है. ऐसे में रबी फसलों की कटाई के बाद मक्का की खेती किसानों के लिए कम समय में बेहतर कमाई का अच्छा विकल्प बन सकती है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें