छिंदवाड़ा में 71वां होलिकोत्सव कवि सम्मेलन: देशभर के कवियों ने सुनाईं रचनाएं, हजारों श्रोताओं ने हास्य और व्यंग लिया आनंद – Chhindwara News

छिंदवाड़ा में 71वां होलिकोत्सव कवि सम्मेलन:  देशभर के कवियों ने सुनाईं रचनाएं, हजारों श्रोताओं ने हास्य और व्यंग लिया आनंद – Chhindwara News




होली के अवसर पर छिंदवाड़ा में आयोजित 71वें होलिकोत्सव कवि सम्मेलन में देशभर से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से माहौल को काव्यमय बना दिया। बुधवार रात पोला ग्राउंड (दशहरा मैदान) में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे और देर रात तक कविता, हास्य और व्यंग्य का आनंद लेते रहे। मंच से जब-जब कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाईं, श्रोता तालियों और ठहाकों से उनका उत्साह बढ़ाते नजर आए। कवि सम्मेलन का आयोजन श्री सुगम मानस मंडल द्वारा स्वर्गीय प्रतुलचंद द्विवेदी की स्मृति में किया गया। शहर में यह आयोजन वर्षों से धुरेड़ी के दिन किया जाता है और धीरे-धीरे यह छिंदवाड़ा की एक प्रमुख सांस्कृतिक परंपरा बन चुका है। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में लोग परिवार और मित्रों के साथ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय ने की। वहीं राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय के कुलगुरु आई.पी. त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में साहित्य और कला के प्रति रुचि बढ़ाने का काम करते हैं। कार्यक्रम में यह लोग शामिल
कवि सम्मेलन में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कवियों ने मंच संभाला। लखनऊ के वेदव्रत वाजपेयी, दौसा के संजय झाला, मुंबई के सुनील व्यास, कानपुर के जौहर कानपुरी, जयपुर के एकेश पार्थ, दिल्ली की डॉ. अना देहलवी और भोपाल के दीपक दनादन ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को खूब हंसाया और सोचने पर भी मजबूर किया। हास्य-व्यंग्य के साथ-साथ श्रृंगार और सामाजिक सरोकारों पर आधारित कविताओं ने भी लोगों का ध्यान खींचा। कई प्रस्तुतियों के दौरान पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। दर्शक देर रात तक डटे रहे और हर कविता पर खुलकर प्रतिक्रिया देते नजर आए। कवियों की मंचीय शैली और चुटीले अंदाज ने कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया। आयोजकों के मुताबिक होली के अवसर पर होने वाला यह कवि सम्मेलन वर्षों से शहर की सांस्कृतिक पहचान बना हुआ है। हर साल बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होकर साहित्य और कविता का आनंद लेते हैं, जिससे यह आयोजन लगातार लोकप्रिय होता जा रहा है।



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