मध्य प्रदेश के जेल महानिदेशक (डीजी) वरुण कपूर ने गुरुवार को मैहर सब जेल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बंदियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान जेल अधीक्षक लीना कोष्ठा, एसडीएम दिव्या पटेल और जेलर रामजी त्रिपाठी भी उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान डीजी कपूर ने बैरकों का दौरा किया। उन्होंने कैदियों के खान-पान की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। डीजी ने बंदियों को दिए जाने वाले अनाज की गुणवत्ता भी जांची। एक बैरक में बने टैंक में पानी और सफाई का अभाव पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और जेलर को तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में डीजी वरुण कपूर ने बताया कि मैहर सब जेल का भवन काफी पुराना और छोटा है। इसकी क्षमता केवल 55 कैदियों की है, जबकि यहां हमेशा क्षमता से अधिक बंदी रहते हैं। उन्होंने कहा कि मैहर में एक नई और बड़ी जेल के निर्माण की सख्त आवश्यकता है। इसके लिए जमीन भी चिन्हित कर ली गई है और शासन की योजना के तहत जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। जल्द मिल सकती है प्रस्ताव को स्वीकृति पुलिस विभाग की तर्ज पर जेल कर्मचारियों को भी साल में 13 महीने का वेतन दिए जाने के सवाल पर डीजी कपूर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि इस विषय पर काफी समय से विचार चल रहा है और मुख्यालय की ओर से इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। डीजी ने आश्वस्त किया कि मुख्यालय इस प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति दिलाने के लिए प्रयासरत है।
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