परसवाड़ा में 25 फीट खंभे पर नारियल तोड़ने की परंपरा: होली के तीसरे दिन 65 साल से हो रहा आयोजन; पहले दिन कोई नहीं तोड़ सका – Balaghat (Madhya Pradesh) News

परसवाड़ा में 25 फीट खंभे पर नारियल तोड़ने की परंपरा:  होली के तीसरे दिन 65 साल से हो रहा आयोजन; पहले दिन कोई नहीं तोड़ सका – Balaghat (Madhya Pradesh) News




बालाघाट जिले के परसवाड़ा स्थित ग्राम कुरेंडा में गुरुवार को होली के तीसरे दिन पारंपरिक ‘खंभा नारियल’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पिछले 65 वर्षों से अनवरत चली आ रही इस परंपरा में 25 फीट ऊंचे चिकने लकड़ी के खंभे पर बंधे नारियल को तोड़ने की चुनौती रखी जाती है। इस वर्ष कड़ी मशक्कत के बाद भी कोई प्रतिभागी नारियल नहीं तोड़ सका, जिसके कारण अब यह प्रतियोगिता शुक्रवार को भी जारी रहेगी। ग्रीस लगे खंभे और लाठियों की चुनौती प्रतियोगिता को कठिन बनाने के लिए 25 फीट ऊंचे खंभे पर तेल और ग्रीस लगाया जाता है, जिससे उस पर चढ़ना अत्यधिक मुश्किल होता है। रोमांचक मोड़ तब आता है जब खंभे पर चढ़ने का प्रयास करने वाले पुरुषों पर गांव की महिलाएं लाठियां बरसाती हैं। यह दृश्य मथुरा की लट्ठमार होली की याद दिलाता है। प्रहलाद और नरसिंह अवतार से जुड़ी मान्यता ग्रामीण बुजुर्ग युवराज राहंगडाले के अनुसार, इस परंपरा का संबंध भक्त प्रहलाद के जीवन चरित्र से है। मान्यता है कि जिस तरह भगवान नरसिंह खंभे को फाड़कर प्रकट हुए थे, यह आयोजन उसी प्रसंग का प्रतीक है। उनके पूर्वज इस परंपरा को वृंदावन की लट्ठमार होली की तर्ज पर कुरेंडा लेकर आए थे, जो आज सामाजिक समरसता का संदेश दे रही है। सालों बाद लगातार दूसरे दिन होगा आयोजन आमतौर पर यह प्रतियोगिता एक ही दिन में संपन्न हो जाती है, लेकिन इस वर्ष देर शाम तक कोई भी खिलाड़ी लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाया। समिति के अनुसार, वर्षों बाद यह दूसरा अवसर है जब नारियल न टूटने के कारण प्रतियोगिता को अगले दिन के लिए बढ़ाया गया है। इस अनूठे आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण खेल मैदान में एकत्र हुए।



Source link