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बुरहानपुर जिले के मोहद गांव में तीन साल पहले आई बाढ़ का असर आज भी लोगों की जिंदगी पर दिखाई दे रहा है. बाढ़ के पानी में कई परिवारों के जरूरी सरकारी दस्तावेज बह गए, जिसके कारण ग्रामीण आज तक राशन, पेंशन और लाडली बहना जैसी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं. उन्होंने कई बार शिकायत की, फिर भी उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है. अब गांव के लोग जिला प्रशासन के समक्ष खड़े होकर अपनी मांग रख कर इन मांगों को पूरा करने की गुहार लगा रहे हैं.
बुरहानपुर. सरकारी दस्तावेज आज योजनाओं का लाभ लेने के लिए काम में आते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के एक गांव में बाढ़ ने ऐसी तबाही मचाई कि लोगों के दस्तावेज भी बहा कर ले गई. अब इन दस्तावेजों को बनाने के लिए गांव के लोग पिछले 3 साल से परेशान हैं. गांव के लोगों के आधे अधूरे दस्तावेज होने के कारण उनको सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इसलिए उन्हें काफी दिक्कतें जा रही है. वह सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं.
बुरहानपुर जिले के मोहद में रहने वाली अलीशा तड़वी ने लोकल 18 की टीम को जानकारी देते हुए बताया कि गांव में 3 साल पहले बाढ़ का पानी आ गया था, जिस कारण करीब 100 से अधिक घरों में पानी घुस गया था. इससे हमारे दस्तावेज बाढ़ के पानी में बह गए. अब सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. हम 3 साल से दस्तावेज बना रहे हैं. कुछ लोगों को पेंशन नहीं मिल पा रही है तो कुछ लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है.
3 साल से राशन नहीं मिला
उन्होंने बताया कि कुछ महिलाओं का लाडली बहना योजना के तहत आवेदन नहीं हो पा रहा है. जिससे गांव के लोग योजनाओं से वंचित हैं. हमने कई बार पंचायत में आवेदन दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है. इसलिए आज हम कलेक्टर हर्ष सिंह के सामने खड़े हैं और हमने इन योजनाओं का लाभ मिले इसकी मांग की है. अलीशा तड़वी ने बताया कि उन्हें तीन साल से राशन नहीं मिल रहा है. गांव के दिव्यांग बताते हैं कि उन्हें दिव्यांग पेंशन नहीं मिल रही है. कुछ बुजुर्ग महिलाएं बताती हैं कि विधवा पेंशन के लिए इस उम्र में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
क्या बोले जिम्मेदार?
लोकल 18 की टीम ने जब इस पूरे मामले को लेकर अपर कलेक्टर राजेश पाटीदार से बात की तो उन्होंने बताया कि गांव की महिलाओं ने पेंशन लाडली बहना योजना का लाभ नहीं मिलने की समस्या बताई. पंचायत को उसकी जांच करने के निर्देश दिए हैं. उनका जल्द ही निराकरण किया जाएगा.
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें