चंद्रग्रहण के बाद सूर्यग्रहण का साया, भारत में दिखाई देगा या नहीं? जानें तारीख

चंद्रग्रहण के बाद सूर्यग्रहण का साया, भारत में दिखाई देगा या नहीं? जानें तारीख


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चंद्रग्रहण के बाद सूर्यग्रहण का साया, भारत में दिखाई देगा या नहीं? जानें तारीख

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Solar Eclipse 2026: यह सूर्यग्रहण भारत के समय के अनुसार रात में होगा, इसलिए भारत में यह दृश्यमान नहीं होगा. वहीं इसका सूतक भी भारत में मान्य नहीं होगा. ग्रहण रात में 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और मध्यरात्रि तक रहेगा.

उज्जैन. हिंदू धर्म में ग्रहण को सिर्फ आकाश में होने वाली घटना नहीं माना जाता बल्कि इसे एक खास आध्यात्मिक समय समझा जाता है. मान्यता है कि जब सूर्य या चंद्रग्रहण लगता है, तब वातावरण का असर थोड़ा अलग हो जाता है, इसलिए इस दौरान शादी-विवाह या अन्य शुभ काम करने से बचा जाता है. ऐसा कहा जाता है कि इस समय मन और शरीर पर भी प्रभाव पड़ सकता है. साल 2026 में कुल चार ग्रहण लगने वाले थे, जिनमें दो सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण शामिल हैं. इस साल का पहला सूर्यग्रहण 17 फरवरी को लगा था लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं दिया, इसलिए इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं था. इसके बाद तीन मार्च को साल का पहला चंद्रग्रहण लगा. यह भारत में दिखाई दिया था, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य हुआ और कई लोगों ने धार्मिक नियमों का पालन भी किया. अब लोगों के मन में सवाल है कि साल 2026 का अगला ग्रहण कब लगेगा, क्या वह भारत में दिखाई देगा या नहीं और उसका सूतक काल मान्य होगा या नहीं. आइए जानते हैं उज्जैन के ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज से 2026 के अगले ग्रहण की पूरी जानकारी.

आचार्य आनंद भारद्वाज ने लोकल 18 से कहा कि साल 2026 का अगला ग्रहण अगस्त माह में लगेगा. यह सूर्यग्रहण होगा और 12 अगस्त के दिन लगेगा. यह ग्रहण भारत के समय के अनुसार रात्रि में लगेगा, इसलिए भारत में यह ग्रहण दृश्यमान नहीं होगा और इसका सूतक भी भारत में नहीं लगेगा. यह रात्रि में 9 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और मध्यरात्रि तक रहेगा. यह ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप, रूस, कनाडा, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल, आर्कटिक, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली आदि देशों में दिखाई देगा. यह कंकणाकृति सूर्यग्रहण होगा. यह साल का आखिरी सूर्यग्रहण भी होगा और कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा.

भारत में प्रभाव और सूतक काल की स्थिति
जहां तक भारत का सवाल है, यहां के लोगों को यह खगोलीय घटना देखने को नहीं मिलेगी. ग्रहण के समय भारत में रात होगी, इसलिए यहां यह दृश्यमान नहीं होगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल (जो ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू होता है) केवल उसी स्थिति में प्रभावी माना जाता है जब ग्रहण संबंधित क्षेत्र में दिखाई दे. चूंकि 12 अगस्त का यह ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए यहां किसी भी तरह का सूतक काल मान्य नहीं होगा. मंदिर और दैनिक कार्य सामान्य रूप से चलते रहेंगे.

कैसे रखें सावधानी?
भले ही यह सूर्यग्रहण भारत में दिखाई न दे लेकिन जो लोग इसे ऑनलाइन देख रहे हैं या उन देशों में मौजूद हैं, जहां यह ग्रहण दिखाई देगा, उन्हें खास सावधानी बरतने की जरूरत है. सूर्यग्रहण को कभी भी सीधे आंखों से नहीं देखना चाहिए क्योंकि सूर्य की तेज किरणें आंखों की रेटिना को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती हैं. अगर आप सूर्यग्रहण देखना चाहते हैं, तो इसके लिए प्रमाणित सोलर फिल्टर वाले चश्मे या खास दूरबीन का ही इस्तेमाल करें. ध्यान रखें कि साधारण धूप का चश्मा, काला चश्मा या एक्स-रे फिल्म से सूर्यग्रहण देखने की कोशिश बिल्कुल न करें क्योंकि यह आंखों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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