बुरहानपुर जिले के ग्राम चापोरा के किसान परिवार से आने वाले नकुल महाजन ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी नासा की वेबसाइट में एक गंभीर सुरक्षा खामी (Stored Cross Site Scripting) का पता लगाया है। नासा ने इस खामी की पड़ताल करने के बाद इसकी पुष्टि की और शुक्रवार को नकुल महाजन को एक प्रशंसा पत्र भेजा। Stored XSS (Cross Site Scripting) एक ऐसी सुरक्षा कमजोरी है जिसमें कोई हैकर वेबसाइट में खतरनाक स्क्रिप्ट (कोड) डाल देता है। यह कोड वेबसाइट के सर्वर में सेव हो जाता है और जब भी कोई यूज़र उस पेज को खोलता है तो वह कोड अपने-आप चलने लगता है। 2025 में यह खामी खोजी थी
नकुल ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2025 में नासा की वेबसाइट में यह खामी खोजी थी। यह खामी प्रोग्राम की पांच कैटेगरी में से P3 कैटेगरी में आती है। नासा स्वयं एक प्रोग्राम चलाकर लोगों से ऐसी सुरक्षा खामियों को रिपोर्ट करने का आग्रह करता है। नकुल इस खामी को खोजने के लिए दो साल से प्रयास कर रहे थे। इस तरह की सुरक्षा कमजोरी का फायदा उठाकर कोई हैकर यूज़र का लॉगिन सेशन चोरी कर सकता है। इसके अलावा, यूज़र की व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, ईमेल और मोबाइल नंबर भी चुराए जा सकते हैं। हैकर यूज़र को फर्जी वेबसाइट या पेज पर भी भेज सकता है और उसकी जानकारी या अनुमति के बिना उसके अकाउंट से कई तरह की गतिविधियां कर सकता है। माता, पिता के साथ गांव में रहते हैं नकुल
नकुल महाजन एक सिक्योरिटी विशेषज्ञ हैं और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्हें यह सम्मान नासा के वल्नरेबिलिटी डिस्क्लोजर प्रोग्राम के तहत एक गंभीर सुरक्षा खामी की पहचान कर उसे जिम्मेदारी के साथ रिपोर्ट करने के लिए दिया गया है। वह एथिकल हैकिंग और सिक्योरिटी रिसर्च के माध्यम से विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं। नकुल ने बुरहानपुर से इंजीनियरिंग जबकि इंदौर से एमटेक किया है। वहीं केरला से साइबर सिक्योरिटी में पोस्ट ग्रेज्युएट डिप्लोमा किया है। प्राथमिक शिक्षा गांव में ही हासिल की। वह माता, पिता के साथ गांव में ही रहते हैं। अभी MNC कंपनी Deloitte के लिए वर्क फ्राम होम काम कर रहे हैं।
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