भोपाल के बड़ा तालाब का सीमांकन शुरू, बेहटा में विरोध: लाउखेड़ी-बोरवन भी पहुंची टीमें; एफटीएल को लेकर नोंकझोंक – Bhopal News

भोपाल के बड़ा तालाब का सीमांकन शुरू, बेहटा में विरोध:  लाउखेड़ी-बोरवन भी पहुंची टीमें; एफटीएल को लेकर नोंकझोंक – Bhopal News




पांच दिन के ब्रेक के बाद गुरुवार को भोपाल के बड़ा तालाब किनारे फिर से सीमांकन शुरू हुआ। बैरागढ़ तहसील की टीम लाउखेड़ी, बोरवन और बेहटा पहुंची। बेहटा में एफटीएल के पाइंट और सीमांकन को लेकर लोगों ने टीम से नोंकझोंक की। वहीं, अशब्द भी कहे। चार घंटे चली कार्रवाई में 50 मीटर के दायरे में 100 से ज्यादा अतिक्रमण मिले। शुक्रवार को भी टीम मैदान में उतरेगी। आखिरी कार्रवाई 28 फरवरी को की थी। हलालपुरा के आसपास तालाब किनारे एक गार्डन की बाउंड्रीवॉल के साथ गोदाम भी तोड़ दिया था। इसके बाद होली के चलते कार्रवाई धीमी पड़ी, जिसने गुरुवार को फिर रफ्तार पकड़ी। जिला प्रशासन, नगर निगम की संयुक्त टीम ने ग्राम लाउखेड़ी, बोरवन बैरागढ़ और बेहटा क्षेत्र में सीमांकन किया। यहां तालाब के 50 मीटर के दायरे का चिंहित किया गया। बूढ़ागांव और बेहटा में मिली झुग्गियां
सीमांकन के दौरान बोरवन गांव की बूढ़ागांव झुग्गी बस्ती और बेहटा की झुग्गी बस्ती में सर्वे में अतिक्रमण मिला। यहां तालाब के 50 मीटर के दायरे में करीब 100 झुग्गियां आ रही हैं। इन झुग्गियों को चिन्हित करने के लिए टीम ने मौके पर लाल निशान लगाए। जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम आगे भी अन्य क्षेत्रों में सीमांकन की कार्रवाई जारी रखेगी। इससे तालाब के आसपास के अतिक्रमण और निर्माण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। विरोध का सामना भी करना पड़ा
सीमांकन के दौरान बेहटा में लोगों के विरोध का सामना भी टीम में शामिल अफसरों को करना पड़ा। इस दौरान एक व्यक्ति ने टीम के सदस्यों से कहा कि यहां पर क्यों लाल निशान लगा रहे हैं? ये अनुमति किसने दी है? उसने टीम के सदस्यों को अपशब्द भी कहे। हालांकि, टीम ने सर्वे का काम जारी रखा। अगले सप्ताह टीटी नगर सर्कल में सीमांकन होगा
अब तक बैरागढ़ तहसील क्षेत्र में ही बड़ा तालाब किनारों पर अतिक्रमण ढूंढा जा रहा है। टीटी नगर सर्कल में अब तक कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, एसडीएम अर्चना शर्मा ने सोमवार से कार्रवाई करने की बात कही है। बता दें कि यही इलाका सबसे प्राइम लोकेशन है। तालाब किनारे में बेशकीमती जमीनें हैं। होटल-रेस्तरां भी बने हुए हैं। कई सरकारी एजेंसियों के दफ्तर भी बने हुए हैं। कई आईएएस और नेताओं की जमीनें इसी किनारे हैं। एक बड़ी कॉलोनी भी इसी क्षेत्र में बनी हुई है।



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