वो मौके जब कैच नहीं फाइनल मैच पकड़ा… कपिल देव से लेकर हरमनप्रीत तक शामिल

वो मौके जब कैच नहीं फाइनल मैच पकड़ा… कपिल देव से लेकर हरमनप्रीत तक शामिल


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वो मौके जब कैच नहीं फाइनल मैच पकड़ा… कपिल देव से लेकर हरमनप्रीत तक शामिल

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वानखेड़े में जब एक समय हैरी ब्रूक और बटलर खेल रहे थे, तो लग रहा था कि इंग्लैंड बड़े स्कोर की तरफ जा रहा है, मगर अक्षर ने ब्रूक का कैच पकड़कर अंग्रेजों को तगड़ा झटका दिया. इसके बाद उन्होंने विल जैक्स का कैच भी पकड़ा. आंकड़ों में बेशक इसका क्रेडिट शिवम दुबे को दिया जाए मगर मेहनत अक्षर की ही थी.

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अक्षर पटेल ने विल जैक्स का शानदार कैच पकड़ा था.

भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर फाइनल में एंट्री ले ली है. वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मैच में पहले भारत के बल्लेबाजों ने जोश दिखाया, फिर इंग्लैंड ने दमखम. बॉलिंग भी दोनों टीमों की समान ही रही, जिस एक चीज में भारत ने बाजी मारी वह थी फील्डिंग. मैच में अक्षर पटेल ने दो कैच ऐसे पकड़े जो भारत को मैच दिला गए. हालांकि ये पहला मौका नहीं था, 1983 से लेकर अब तक भारत ने जब भी इस तरह के कैच पकड़े हैं तो भारत ने फाइनल मैच जीता है.

वानखेड़े में जब एक समय हैरी ब्रूक और बटलर खेल रहे थे, तो लग रहा था कि इंग्लैंड बड़े स्कोर की तरफ जा रहा है. 4 ओवर में 38 रन हो चुके थे. इसी समय बुमराह की एक बॉल पर ब्रूक हवा में मार बैठे, जिसे अक्षर पटेल ने बाउंड्री की तरफ दौड़कर पकड़ा. यह मैच का पहला कैच था. इसके बाद दूसरी बार मौका तब मिला जब 13.5 ओवर में इंग्लैंड 172 रन पर पहुंच चुकी थी. जैकब बैथल और विल जैक्स बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे थे. इसी बीच अर्शदीप सिंह ने बाहर की तरफ एक बॉल फेंकी, अक्षर पटेल ने इस बॉल को तेजी से दौड़ते हुए बाउंड्री पर पकड़ा. जब वह लड़खड़ाए और लगा कि बॉल के साथ बाउंड्री से टच हो जाएंगे तो उन्होंने बॉल शिवम की तरफ फेंकी. यह कैच भारत को मैच दिलाने वाला साबित हुआ. उस वक्त जैक्स 20 बॉल पर 35 रन बना चुके थे.

25 जून 1983 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच मुकाबला चल रहा था. एक समय ऐसा था जब विव रिचर्ड्स 33 रन पर खेल रहे थे. उन्हें आउट करना बड़ी चुनौती थी. इसी पर मदन लाल की गेंद पर रिचर्ड्स ने टॉप-एज किया, कपिल देव मिड-ऑन से पीछे भागे उन्होंने बैकवर्ड रनिंग करते हुए ओवर-द-शोल्डर कैच पकड़ा. यह मैच का टर्निंग प्वाइंट था. इससे वेस्टइंडीज सस्ते में सिमट गई और भारत 43 रन से जीतकर पहली बार विश्व विजेता बना.

जून 2024 में बारबाडोस में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच फाइनल खेला जा रहा था. आखिरी ओवर में मिलर बड़े शॉट खेल रहे थे. इसी बीच हार्दिक पांड्या की गेंद पर मिलर ने लॉन्ग ऑफ की तरफ मारा, सूर्य कुमार यादव बाउंड्री पर थे, उन्होंने भागते हुए कैच पकड़ा. वह बाउंड्री के अंदर भी गए, लेकिन तब तक बॉल को हवा में उछाल चुके थे. खुद को संभाला और बाहर आकर एक बार फिर गेंद को लपक लिया. इस कैच की वजह से भारत ने साउथ अफ्रीका को 7 रन से हराया और अपना दूसरा टी-20 विश्व कप जीता.

पिछले साल महिला विश्वकप के दौरान भारत और साउथ अफ्रीका के बीच फाइनल मैच खेला जा रहा था. इसी बीच दीप्ती शर्मा की गेंद को नदाइन क्लार्क हवा में खेल गईं, उस समय तक साउथ अफ्रीका 246 रन बना चुकी थी. हवा में गई इस गेंद को कप्तान हरमनप्रीत में उछलते हुए पकड़ा और मैच को अपने कब्जे में ले लिया.

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