चुकंदर की खेती के टिप्स: किसानों के लिए मार्च का महीना चुकंदर की खेती शुरू करने के लिए अच्छा समय माना जाता है. चुकंदर एक ऐसी फसल है जो कम समय में तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी मांग भी लगातार बनी रहती है. सलाद, सब्जी और जूस में इस्तेमाल होने के कारण इसकी बिक्री आसानी से हो जाती है. ऐसे में किसान कम समय में अच्छी कमाई कर सकते हैं.
इस मिट्टी में होती है सबसे अच्छी खेती
कृषि सलाहकार अवनीश पटेल बताते हैं कि चुकंदर की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. हालांकि इसकी खेती कई प्रकार की मिट्टी में भी की जा सकती है. लेकिन किसान ऐसे खेत का चयन करें जहां जलभराव की समस्या न हो. ज्यादा पानी होने पर चुकंदर की जड़ें सड़ सकती हैं और इससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है. बुवाई से पहले बीजों का उपचार करना और खेत में उचित नमी बनाए रखना भी जरूरी होता है.
60 से 75 दिनों में तैयार हो जाती है फसल
चुकंदर की फसल आमतौर पर 60 से 75 दिनों में तैयार हो जाती है. इसके बाद किसान इसकी खुदाई कर बाजार में बेच सकते हैं. अगर किसान उन्नत किस्मों का चयन करते हैं तो उन्हें उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर मिलते हैं.
ये उन्नत किस्में देती हैं ज्यादा उत्पादन
विशेषज्ञों के अनुसार चुकंदर की खेती के लिए कुछ उन्नत किस्में ज्यादा फायदेमंद होती हैं. इनमें प्रमुख हैं: अर्ली वंडर, मधुर ,रूबी रेड, ऊटी, क्रिमसन ग्लोब, डेट्रॉयट डार्क रेड. ये किस्में करीब 65 से 70 दिनों में तैयार हो जाती हैं और इनसे लगभग 300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन मिल सकता है.
इन रोगों से रहना होगा सावधान
चुकंदर की फसल में कुछ रोग भी देखने को मिलते हैं. जैसे राइजोक्टोनिया जड़ सड़न, सर्कोस्पोरा पत्ती धब्बा और जड़ गांठ सूत्रकृमि. ये रोग ज्यादा नमी, जलभराव और गर्म मौसम में तेजी से फैलते हैं. इससे बचाव के लिए खेत में जल निकासी की सही व्यवस्था रखें, फसल चक्र अपनाएं और ट्राइकोडर्मा जैसे जैविक उपायों का इस्तेमाल करें.
सेहत के लिए भी है बेहद फायदेमंद
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. आरपी परौहा के अनुसार चुकंदर स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक होता है. इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है. इसके नियमित सेवन से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है और कई बीमारियों से बचाव होता है.
डॉ. परौहा बताते हैं कि रोजाना चुकंदर खाने से त्वचा में प्राकृतिक गुलाबीपन आता है और स्किन का ग्लो भी बढ़ता है. शोध के मुताबिक चुकंदर का जूस पीने से शरीर की सूजन कम होती है और ब्लड फ्लो बेहतर होता है.
किसानों के लिए मुनाफे का मौका
बढ़ती मांग और कम समय में तैयार होने वाली फसल होने के कारण चुकंदर की खेती किसानों के लिए मुनाफे का अच्छा विकल्प बन सकती है. अगर सही तकनीक और उन्नत किस्मों का इस्तेमाल किया जाए तो किसान कम लागत में अच्छी पैदावार लेकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं.