खंडवा में हिंदू युवक और मुस्लिम युवती के प्रेम विवाह से नाराज ससुराल पक्ष ने दामाद की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने सास-ससुर और साले को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 90 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, सिंगोट निवासी अमरीन ने राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले राजेंद्र सैनी से प्रेम विवाह किया था। यह विवाह अमरीन के परिजनों को मंजूर नहीं था। इसी वजह से अमरीन को उसके परिवार ने सिंगोट स्थित घर में ही रोक लिया था और उसे पति के पास नहीं जाने दिया जा रहा था। 13 मई 2023 को राजेंद्र सैनी पत्नी अमरीन से मिलने और उसे अपने साथ ले जाने के लिए सिंगोट पहुंचा था। आरोप है कि जैसे ही वह अमरीन के घर पहुंचा, उसके ससुर शेख मुमताज, सास मुन्नीबाई और साले सलमान ने उस पर लाठियों से हमला कर दिया। मारपीट में राजेंद्र के हाथ-पैर, पीठ और पेट में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में राजेंद्र पिपलोद थाने पहुंचा और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान 15 मई 2023 को उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने सास-ससुर और साले के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में चालान पेश किया। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक अश्विनी भाटे ने की। सुनवाई के दौरान घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह सामने नहीं आया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने इसे भारतीय दंड संहिता की धारा 304 पार्ट-2 (गैर इरादतन हत्या) का मामला मानते हुए आरोपी शेख मुमताज (60), मुन्नीबाई (55) और सलमान (22) को दोषी करार दिया। गुरुवार को सुनाए गए फैसले में अदालत ने तीनों आरोपियों को सात-सात साल के कारावास और 90-90 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। यह मामला उस समय काफी चर्चा में रहा था और इसे ऑनर किलिंग से जोड़कर भी देखा गया था।
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