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मध्य प्रदेश में बुरहानपुर के युवा ने नासा को हिला दिया. गांव में बैठे-बैठे इस शख्स ने नासा की वेबसाइट में बाड़ी सिक्योरिटी खामी खोजी. दो साल की मेहनत रंग लाई. नासा ने भी इस गलती की पुष्टि की और युवा का बड़ा इनाम दिया. हालांकि, इस युवा ने इससे पहले भी बड़ा कमाल किया है.
Burhanpur News: बुरहानपुर के छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय पटल पर छाने वाले नकुल महाजन की कहानी गजब है. चापोरा गांव में रहने वाले इस युवा ने नासा की वेबसाइट में एक गंभीर साइबर सिक्योरिटी खामी खोजकर दुनिया को हैरान कर दिया. नासा ने इस खोज की पुष्टि कर नकुल को विशेष प्रशंसा पत्र भेजा है, जो उनकी मेहनत का पुरस्कार है. यह उपलब्धि न केवल भारत के युवाओं के लिए गौरव का विषय है, बल्कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया आयाम भी जोड़ती है.
बेहद गंभीर थी खामी
नकुल महाजन (25) सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. फिलहाल, अपने घर पर रहकर ही एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी में काम कर रहे हैं. नकुल ने बताया, नासा की वेबसाइट में क्रॉस-साइट स्क्रिप्टिंग (XSS) जैसी खामी थी, जो P3 कैटेगरी की गंभीर समस्या है. इस कमजोरी से कोई भी हैकर खतरनाक कोड इंजेक्ट कर सकता था, जो सर्वर पर सेव हो जाता और उपयोगकर्ता के ब्राउजर में स्वचालित रूप से चलने लगता.
पता लगाने में लगे दो साल
नकुल ने दो वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद इसकी पहचान की. नकुल ने कहा, “नासा का बग बाउंटी प्रोग्राम लोगों को ऐसी खामियां रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करता है. मैंने कई महीनों तक टेस्टिंग की, और आखिरकार सफलता मिली.”
पिता किसान, माता गृहणी
यह नकुल की पहली उपलब्धि नहीं है. इससे पहले उन्होंने भारत सरकार की एक वेबसाइट में भी समान खामी उजागर की थी, जिसके लिए उन्हें ईमेल के जरिए प्रशंसा पत्र मिला था. इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद साइबर सिक्योरिटी में डिप्लोमा हासिल करने वाले नकुल वर्तमान में एक निजी कंपनी में काम कर रहे हैं. उनके पिता यशवंत महाजन साधारण किसान हैं, जो गांव में खेतीबाड़ी से गुजारा करते हैं. मां गृहणी हैं. परिवार के हर कदम पर उनका साथ रहा.
प्ले स्टोर के बाहर न जाएं
नकुल कहते हैं, “गांव की सीमित सुविधाओं के बावजूद इंटरनेट और ऑनलाइन कोर्स ने मुझे यह मुकाम दिलाया. माता-पिता का आशीर्वाद सबसे बड़ा सहारा है.” साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे पर नकुल की अपील खासा प्रभावी है. उन्होंने चेतावनी दी, “साइबर फ्रॉड से बचने के लिए एंड्रॉयड यूजर्स प्ले स्टोर के बाहर से कभी ऐप डाउनलोड न करें. प्ले स्टोर फर्जी ऐप्स को फिल्टर करता है, जिससे धोखाधड़ी का जोखिम कम होता है. हमेशा मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें.”
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें