बालाघाट जिले में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्यों में तेजी आई है। भटेरा ओवरब्रिज के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसके तहत भू-मालिकों को दो दिनों के भीतर 25 करोड़ रुपए का मुआवजा वितरित किया जाएगा। वहीं, वारासिवनी में बन रहे रेलवे ओवरब्रिज पर 20 मार्च से आवागमन शुरू हो जाएगा। भटेरा ओवरब्रिज निर्माण के रास्ते में आ रहे चिन्हित भवनों और दुकानों के मालिकों के मुआवजे को लेकर आपत्तियों के कारण भू-अर्जन की कार्यवाही लंबी खिंच गई थी। अब यह प्रक्रिया अंतिम चरणों में है, जिससे निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुआवजा वितरण के साथ ही चिन्हित भवनों को तोड़ने का काम शुरू हो जाएगा, जिससे ओवरब्रिज निर्माण कार्य में तेजी आएगी। कलेक्टर मृणाल मीणा ने जिले के भटेरा, गर्रा, वारासिवनी और कटंगी के शेरपार में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी संबंधित सेतु संभाग और अधिकारियों से ली। भटेरा ब्रिज के लिए भू-अर्जन की कार्यवाही अंतिम चरण में होने की जानकारी दी गई। बालाघाट से भटेरा की ओर दोपहिया, चारपहिया वाहनों और यात्री बसों के डायवर्सन के लिए बैहर रोड पर डॉ. शिशिर खरे के मकान के सामने से दोपहिया और हल्के वाहनों के लिए आवागमन की व्यवस्था की जा रही है। लामता की ओर से आने वाली यात्री बसों को कुम्हारी से वैनगंगा पुल पार कर धपेरा-मोहगांव-बेहरई-कनकी होते हुए बालाघाट लाया जा सकता है। इससे अस्थायी बस स्टैंड बनाने की आवश्यकता नहीं होगी। गर्रा रोड पर बन रहे रेल ओवरब्रिज पर लाइटिंग और सिविल वर्क किया जा रहा है, जिसमें गर्डर लॉन्चिंग का कार्य 30 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। वारासिवनी में बन रहे रेल ओवरब्रिज पर हाईमास्क लाइट लगाने का कार्य चल रहा है। इस ब्रिज पर 20 मार्च से आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। वारासिवनी-कटंगी रोड पर शेरपार चौकी के पास बन रहे ओवरब्रिज का कार्य 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
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