इंदौर के एमआर-10 पर कुमेड़ी/नायता मुंडला क्षेत्र में बना प्रदेश का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक बस टर्मिनल इन दिनों वीरान नजर आता है। बाहर से देखने पर यह किसी एयरपोर्ट जैसा चमकदार भवन लगता है, चौड़ी एंट्री, विशाल हॉल, एसी व्यवस्था और व्यवस्थित प्लेटफॉर्म। लेकिन अंदर कदम रखते ही सन्नाटा स्वागत करता है। करीब 15 एकड़ में 100 करोड़ रुपए की लागत से बना यह इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) एक साल से ज्यादा समय से तैयार है, लेकिन अब तक यहां से एक भी बस का संचालन शुरू नहीं हुआ है। उद्घाटन और संचालन एजेंसी तय न होने के कारण यह टर्मिनल खाली पड़ा है। सितंबर 2019 में मंजूरी के बाद इसे दिसंबर 2022 तक पूरा होना था। कोविड-19 के कारण निर्माण में देरी हुई और समयसीमा दो बार बढ़ानी पड़ी। छठी बार टेंडर, फिर भी ऑपरेटर नहीं अंदर क्या-क्या है?
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