बुंदेलखंड का ये तालाब 50 डिग्री में भी नहीं सूखता, 14 मोटरें लगीं फिर भी नहीं हुआ खाली!

बुंदेलखंड का ये तालाब 50 डिग्री में भी नहीं सूखता, 14 मोटरें लगीं फिर भी नहीं हुआ खाली!


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Dhandagiri Sarovar Story: छतरपुर के बारीगढ़ में एक ऐसा भी आस्था का तालाब है, जो भीषण गर्मी में भी नहीं सूखता है. किंवदंती है कि इस तालाब पर जो पानी है, वह माता के चरणों से निकला है. हालांकि, इस तालाब को खाली करने का प्रयास भी किया गया लेकिन पानी खत्म नहीं हुआ. जानें रोचक कहानी…

Chhatarpur News: बुंदेलखंड क्षेत्र सूखे के लिए जाना जाता है. यहां पानी की कमी के कारण खेती-किसानी सब प्रभावित रहती है. लेकिन, छतरपुर जिले के बारीगढ़ में एक ऐसा तालाब है, जो कभी सूखता ही नहीं. कम बारिश और सूखे की स्थिति में भी यह तालाब हमेशा पानी से भरा रहता है. 50 डिग्री तापमान में भी ये तालाब नहीं सूखता. मान्यता है कि इसका कनेक्शन पाताल से है.

मां धंधागिरि सरोवर की विशेषता
धंधागिरि सरोवर बारीगढ़ से लगभग 3 किमी दूर एक पहाड़ी पर स्थित है. बारीगढ़ की स्थानीय निवासी रामरती ने लोकल 18 को बताया, उन्होंने अपने जीवन में कभी इस तालाब को सूखा नहीं देखा है. चाहे कितनी भी गर्मी या सूखा पड़ा हो. पूरे बुंदेलखंड में चार साल से सूखे जैसे हालात हैं, लेकिन यह तालाब कभी पानी से खाली नहीं हुआ.

एक महीने तक लगीं मोटरें पर नहीं खाली हुआ
लगभग 15 साल पहले तहसील के एक अधिकारी की मनोकामना पूरी होने पर उन्होंने मंदिर की साफ-सफाई के लिए गांव के सहयोग से तालाब का पानी निकालने का प्रयास किया था. इस काम के लिए 5 हॉर्स पॉवर की 14 मोटरें लगाईं. लेकिन तालाब से जितना पानी निकाला जाता, उतना ही तालाब फिर से भर जाता था. कई रोज रात-दिन यह प्रक्रिया चलती रही, लेकिन तालाब को खाली नहीं हुआ.

जानें तालाब का रहस्य
मां धंधगिरि देवी मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार गोस्वामी बताते हैं कि लोकमान्यता के अनुसार, इस तालाब का संपर्क पाताल से है. यहां मां धंधागिरि की कृपा होने के कारण यह तालाब कभी नहीं सूखता. इसे मां धंधागिरि सरोवर के नाम से जाना जाता है. माना जाता है कि यह तालाब चंदेल काल के समय का है. इसकी अद्भुत विशेषता लोगों के बीच आस्था का विषय है. पुजारी बताते हैं कि हमारे मंदिर में जो भी बड़े भंडारे होते हैं तो इसी तालाब के जल से भंडारे का भोजन बनता है.

इस तालाब को देखने आए लोग भी यही कहते हैं कि उन्होंने इसे कभी सूखा हुआ नहीं देखा. पीढ़ियों से लोग सुनते आ रहे हैं कि इस तालाब पर मां धंधागिरि की कृपा है. यह तालाब हमेशा पानी से भरा रहता है. चाहे मौसम कैसा भी हो. लोग तो इसके पानी को घर भी ले जाते हैं. इस तालाब का रहस्यमयी इतिहास और विशेषता इसे बुंदेलखंड के सबसे अद्भुत व आस्था के प्रसिद्ध स्थानों में से एक बनाती है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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