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मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे पर प्रोटोकॉल उल्लंघन की कड़ी निंदा की है. उन्होंने ममता बनर्जी सरकार को घृणित मानसिकता का उदाहरण बताया और तुरंत माफी मांगने की मांग की. राष्ट्रपति सिलीगुड़ी में आदिवासी सम्मेलन में पहुंचीं थीं तो न ममता न कोई मंत्री स्वागत करने पहुंचा. PM मोदी और अमित शाह ने भी इसे लोकतंत्र का अपमान बताया है. वहीं TMC ने आरोपों को राजनीतिक करार दिया है.
एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त नाराजगी जाहिर की है.
भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर तीखी निंदा की है. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से तुरंत सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है. यह विवाद तब उभरा जब राष्ट्रपति 7 मार्च 2026 को सिलीगुड़ी के निकट बिधाननगर में अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचीं. वहां उनका स्वागत न मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया और न ही कोई अन्य मंत्री मौजूद था. राष्ट्रपति ने खुले मंच से नाराजगी जताई, कहा कि कई आदिवासी सदस्य नहीं पहुंच सके और कार्यक्रम स्थल बदलने से असुविधा हुई है. इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसे लोकतंत्र का अपमान बताया. सीएम मोहन यादव ने इसे घृणित मानसिकता का उदाहरण करार दिया है. हालांकि TMC ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया और कहा कि प्रोटोकॉल का पालन किया गया था.
दरअसल, यह घटना आदिवासी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली मानी जा रही है, क्योंकि राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी पृष्ठभूमि से हैं. विवाद राजनीतिक तापमान बढ़ा रहा है. राष्ट्रपति पद की गरिमा संवैधानिक रूप से सर्वोच्च है, जो राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है. इस घटना ने प्रोटोकॉल के महत्व को फिर से रेखांकित किया है. सिलीगुड़ी सम्मेलन आदिवासी संस्कृति और विकास पर केंद्रित था, जहां राष्ट्रपति ने सरकार की योजनाओं पर जोर दिया. लेकिन स्वागत की कमी और वेन्यू बदलने से विवाद बढ़ा. राष्ट्रपति ने ममता बनर्जी को ‘छोटी बहन’ बताते हुए हैरानी जताई कि क्या कोई नाराजगी है?
गृह मंत्रालय ने लिया एक्शन, मुख्य सचिव से मांगी रिपोर्ट
सीएम मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रपति का अपमान देश का अपमान है और दुनिया में भारत की छवि को ठेस पहुंची है. TMC का तर्क है कि राष्ट्रपति सचिवालय के लाइनअप के अनुसार स्वागत हुआ और CM लाइनअप में नहीं थीं. लेकिन BJP इसे आदिवासी विरोधी मानसिकता से जोड़ रही है. गृह मंत्रालय ने बंगाल मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है. यह मामला आदिवासी वोट बैंक पर असर डाल सकता है, जहां मुर्मू की नियुक्ति सशक्तिकरण का प्रतीक थी. यादव की निंदा BJP की रणनीति का हिस्सा लगती है, जो बंगाल में TMC को घेर रही है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें