मार्च की मुनाफे वाली ये सब्जियां, एक्सपर्ट से जानें बंपर उत्पादन का सही तरीका

मार्च की मुनाफे वाली ये सब्जियां, एक्सपर्ट से जानें बंपर उत्पादन का सही तरीका


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मार्च की मुनाफे वाली ये सब्जियां, एक्सपर्ट से जानें बंपर उत्पादन का सही तरीका

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Agriculture News: डॉ कमलेश ने लोकल 18 से कहा कि मार्च का महीना इन सब्जियों के लिए सबसे उपयुक्त होता है क्योंकि इस माह में तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तक होता है, जो सब्जियों को उगाने के लिए अनुकूल है.

छतरपुर. मार्च का महीना गर्मियों की फसलों की बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि इस समय वातावरण का तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस होता है. ये तापमान इन बेलदार सब्जियों के लिए सबसे उपयुक्त होता है. इस समय आप कद्दूवर्गीय सब्जियां, जैसे- गिलकी, करेला, लौकी, कद्दू, खीरा और ककड़ी जैसी सब्जियां लगाकर अच्छी पैदावार और कमाई कर सकते हैं. हालांकि किसान भाइयों को इन सब्जियों को लगाने का सही तरीका जान लेना जरूरी है, तभी बंपर उत्पादन मिल सकता है. मध्य प्रदेश के छतरपुर के नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉक्टर कमलेश अहिरवार लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि मार्च का महीना चल रहा है. किसान भाई अपनी फसलों की कटाई कर रहे हैं. साथ ही सब्जी फसलों की भी तुड़ाई जारी है. ऐसे में किसान भाइयों के खेत खाली हो रहे हैं. इन खाली खेतों में किसान सब्जियां उगा सकते हैं. हालांकि इन सब्जियों को लगाने का एक सही तरीका होता है.

डॉ कमलेश आगे बताते हैं कि किसान भाई इन दिनों अपने खाली पड़े खेतों में कद्दूवर्गीय सब्जियों की खेती कर सकते हैं. इन सब्जियों में कद्दू, गिलकी, करेला, लौकी, ककड़ी और खीरा जैसी बेलदार सब्जियां आती हैं. इन्हें लगाना भी आसान होता है. साथ ही किसान मूंग की फसल भी लगा सकते हैं. हालांकि इस फसल में पानी की जरूरत होती है.

बोवनी का सही समय
डॉ कमलेश बताते हैं कि मार्च का महीना इन सब्जियों के लिए सबसे उपयुक्त होता है क्योंकि इस माह में तापमान 25 से 30 डिग्री तक होता है, जो सब्जियों को उगाने के लिए अनुकूल होता है.

सब्जियां लगाने का सही तरीका
उन्होंने बताया कि अगर आप खेत में ये सब्जियां लगाने जा रहे हैं, तो इसकी दो विधि होती हैं. पहली विधि को गढ्ढा विधि कहते हैं, वहीं दूसरी विधि को नाली विधि कहते हैं. अभी हम गढ्ढा विधि की बात करते हैं, जिसमें आपको गढ्ढे खोदने होते हैं.

पौध से पौध की दूरी
डॉ कमलेश आगे बताते हैं कि लाइन बाई लाइन यानी क्यारी से क्यारी दो मीटर की दूरी रखनी है. वहीं पौध से पौध की दूरी एक मीटर रखनी है. साथ ही गड्ढों को आधा फीट या एक फीट की गहराई तक खोदना है. इन खुदे गड्ढों में एक या दो बीज ही डालने हैं. दो से अधिक बीज नहीं डालने हैं. साथ ही गड्ढों में आधे गढ्ढे के बराबर गोबर और मिट्टी डालनी है. अगर आप इस तरह से सब्जी उगाते हैं, तो सही समय पर सब्जी का बंपर उत्पादन होगा. डॉ कमलेश ने कहा कि बेलदार सब्जियों में सबसे ज्यादा जरूरत सहारे की होती है, इसलिए इसपर विशेष ध्यान देना चाहिए.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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