वर्ल्ड कप ट्रॉफी हनुमान टेकरी मंदिर में ही क्यों ले जाई गई, इस मंदिर की क्या है खासियत

वर्ल्ड कप ट्रॉफी हनुमान टेकरी मंदिर में ही क्यों ले जाई गई, इस मंदिर की क्या है खासियत


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वर्ल्ड कप ट्रॉफी हनुमान टेकरी मंदिर में ही क्यों ले जाई गई, क्या है खासियत

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Hanuman Tekri Temple Ahmedabad: भारत ने टी20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा और जीत के बाद टीम ने अहमदाबाद के हनुमान टेकरी मंदिर में जाकर आशीर्वाद लिया. कप्तान सूर्यकुमार यादव, कोच गौतम गंभीर और ICC चेयरमैन जय शाह ट्रॉफी लेकर मंदिर पहुंचे. यह पहली बार हुआ जब किसी वर्ल्ड कप ट्रॉफी को मंदिर में ले जाया गया. नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास बना यह मंदिर काफी पुराना और स्थानीय लोगों के लिए आस्था का केंद्र है.

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हनुमान टेकरी मंदिर अहमदाबाद

Hanuman Tekri Temple Ahmedabad: भारत ने टी20 वर्ल्ड कप जीतकर एक नया इतिहास रचा और इस ऐतिहासिक जीत के बाद जश्न के बीच एक खास आध्यात्मिक पल भी देखने को मिला. टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव, हेड कोच गौतम गंभीर और ICC चेयरमैन जय शाह अहमदाबाद के प्रसिद्ध हनुमान टेकरी मंदिर पहुंचे और वहां वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ पूजा अर्चना की. यह पल इसलिए भी खास बन गया क्योंकि क्रिकेट इतिहास में पहली बार किसी वर्ल्ड कप ट्रॉफी को मंदिर में ले जाया गया. टीम के इस कदम को कई लोग जीत के बाद भगवान का आशीर्वाद लेने की परंपरा और आस्था से जोड़कर देख रहे हैं. नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूज़ीलैंड को 96 रन से हराकर भारत ने टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था और इसके तुरंत बाद यह आध्यात्मिक यात्रा हुई.

कहां स्थित है हनुमान टेकरी मंदिर
अहमदाबाद के मोटेरा इलाके में स्थित हनुमान टेकरी मंदिर बहुत बड़ा मंदिर नहीं है, लेकिन इसकी पहचान काफी खास है. यह मंदिर दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम नरेंद्र मोदी स्टेडियम के बिल्कुल पास स्थित है. पहले जब इस स्टेडियम को मोटेरा स्टेडियम कहा जाता था, तब भी यह मंदिर यहां मौजूद था. यानी यह मंदिर स्टेडियम बनने से पहले से ही इस इलाके की पहचान रहा है.

स्टेडियम के पास होने की वजह से खास पहचान
मोटेरा इलाके में रहने वाले लोगों के लिए यह मंदिर आस्था का एक मजबूत केंद्र माना जाता है. मैच के दिनों में भी कई लोग स्टेडियम जाने से पहले यहां आकर दर्शन करते हैं और अपनी टीम की जीत की कामना करते हैं. यही वजह है कि क्रिकेट और आस्था का यह अनोखा मेल अक्सर यहां देखने को मिलता है.

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मंदिर में बाल स्वरूप में हैं हनुमान जी
इस मंदिर की सबसे खास बात यहां स्थापित हनुमान जी की मूर्ति है. मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति बाल स्वरूप में है, यानी उन्हें छोटे बच्चे के रूप में दर्शाया गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार बाल हनुमान का स्वरूप बहुत शक्तिशाली और ऊर्जा से भरा माना जाता है. भक्तों का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने से साहस, शक्ति और सफलता मिलती है.

मंदिर का इतिहास और स्थानीय आस्था
कई स्थानीय लोग बताते हैं कि यह मंदिर काफी पुराना है और मोटेरा इलाके के विकास से पहले भी यहां श्रद्धालु आते थे. जब धीरे धीरे आसपास का इलाका विकसित हुआ और बाद में यहां विशाल क्रिकेट स्टेडियम बना, तब भी मंदिर की पहचान बरकरार रही. आज यह मंदिर क्रिकेट स्टेडियम के साथ साथ अहमदाबाद की एक दिलचस्प पहचान बन चुका है.





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