अशोकनगर के टोरिया क्षेत्र को नगरपालिका परिषद में शामिल करने की मांग को लेकर मंगलवार को क्षेत्र के महिला-पुरुष कलेक्ट्रेट पहुंचे। वार्ड पार्षद महेंद्र भारद्वाज के नेतृत्व में लोगों ने जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सौंपकर समस्या बताई और जल्द समाधान की मांग की। वहीं जनसुनवाई में कुल 126 आवेदक अपनी-अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। निवासियों ने आवेदन में बताया कि अशोकनगर की गौशाला के पास स्थित टोरिया क्षेत्र वर्तमान में मोहरीराय ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है। इसके बावजूद यहां रहने वाले अधिकांश लोगों के आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज नगरपालिका के गौशाला वार्ड क्रमांक 21 के तहत बने हुए हैं। इस दोहरी स्थिति के कारण क्षेत्रवासियों को प्रशासनिक स्तर पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा नागरिकों का कहना है कि जब वे किसी सरकारी योजना का लाभ लेने नगरपालिका परिषद जाते हैं, तो वहां यह कहकर लौटा दिया जाता है कि उनका क्षेत्र ग्राम पंचायत में आता है। वहीं ग्राम पंचायत में जाने पर यह कहकर काम नहीं किया जाता कि उनके दस्तावेज नगरपालिका क्षेत्र के हैं। इस विरोधाभासी स्थिति के कारण क्षेत्र के लोग कई जनहितकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा है। शासन की कई योजनाएं सीधे लाभार्थियों तक पहुंचती हैं, लेकिन सीमा विवाद के कारण टोरिया क्षेत्र के निवासी इन योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि टोरिया क्षेत्र को जल्द ही नगरपालिका परिषद में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके और क्षेत्र के विकास का रास्ता साफ हो सके।
Source link