निवाड़ी जिले में अवैध कॉलोनियों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। बिना अनुमति के धड़ल्ले से प्लॉट काटकर जमीन बेचने वाले पांच कॉलोनाइजरों पर कार्रवाई की गई। कलेक्टर कोर्ट ने इन सभी को नोटिस भेजकर 17 मार्च को पेश होने का फरमान सुनाया है। जांच में पता चला कि इन लोगों ने न तो कॉलोनाइजर का लाइसेंस लिया था और न ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) से कोई मंजूरी ली थी। नियमों को ताक पर रखकर, बिना किसी सरकारी परमिशन के जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े कर बेच दिए गए, जो कि सीधा-सीधा कानून का उल्लंघन है। इन लोगों को थमाया गया नोटिस प्रशासन ने जिन पांच मामलों में कार्रवाई की है, वे ये हैं- चंद्रपाल यादव (झांसी): ओरछा के फुटेरा गांव में बिना लाइसेंस प्लॉटिंग करने का आरोप। रेणु सिंह राठौर (जेर): पृथ्वीपुर में करीब 11 अलग-अलग खसरा नंबरों की जमीन पर अवैध तरीके से प्लॉट बेचने का मामला। बिजयकांत और उदयकांत सोनी (पृथ्वीपुर): करगुवा गांव की भारी-भरकम जमीन पर अवैध कॉलोनी काटने का आरोप। शैलेंद्र सिंह यादव (झांसी): ओरछा में करीब डेढ़ हेक्टेयर जमीन पर बिना मंजूरी के प्लॉटिंग। लक्ष्मीनारायण नामदेव (झांसी): ओरछा की जमीन पर बिना किसी परमिशन के टुकड़े कर बेचने का आरोप। 17 मार्च को पेशी, वरना होगी सख्त कार्रवाई एसडीएम की जांच में इन सभी को नियमों का दोषी पाया गया है। कलेक्टर कोर्ट ने साफ कह दिया है कि अगर ये लोग 17 मार्च 2026 को अपने कागजों के साथ हाजिर नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ एकतरफा सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इन जमीनों को फिर से पुराने हाल में लाने (अवैध निर्माण ढहाने) की तैयारी भी कर सकता है।
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