एमजीएम मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल और स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई में अप्रैल से शाम के समय 600 रुपए फीस वाली ओपीडी शुरू की जा रही है। जबकि बेहतर सुविधाओं वाले भोपाल एम्स में स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स ओपीडी में 10 रुपए में ही देखते हैं। पेड ओपीडी का मॉडल रीवा, जबलपुर और ग्वालियर के मेडिकल कॉलेजों में फ्लॉप हो चुका है। हाल ही में स्वास्थ्य चिकित्सा आयुक्त धनराजू एस. की अध्यक्षता में एमजीएम मेडिकल कॉलेज स्वशासी संस्था की बैठक में इसको लेकर प्रस्ताव पास किया गया है। इसके तहत अप्रैल से सुबह-शाम 6:30 से 8:30 बजे तक विशेषज्ञ डॉक्टर 600 रुपए शुल्क लेकर मरीज देखेंगे। नए मॉडल को लेकर डॉक्टरों में भी नाराजगी है। कई डॉक्टरों का कहना है कि एमवायएच में पहले से ही मरीजों का भारी दबाव है। ऐसे में शाम को अलग पेड ओपीडी संचालित करना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण होगा। दूसरी ओर सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में पूरी तरह से ओपीडी ब्लॉक भी संचालित नहीं हो पाया है। शाम की ओपीडी की व्यवस्था कैसे होगी इस पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। पेड ओपीडी में फ्री दवाएं या जांच होगी या नहीं, असमंजस
सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव में पेड ओपीडी में आने वाले मरीजों को फ्री जांच और दवाओं को लेकर अभी िस्थति स्पष्ट नहीं है। कुछ डॉक्टरों का मानना है कि यदि शाम को अलग पेड ओपीडी शुरू होती है तो इससे एमवाय अस्पताल में डॉक्टरों, जांच और अन्य संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। लागू करने से पहले ट्रायल जरूरी
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन और स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. वीपी पांडे का कहना है कि पेड ओपीडी जैसी व्यवस्था लागू करने से पहले इसे ट्रायल के तौर पर चलाकर देखा जाना चाहिए। ओपीडी सुपर स्पेशिएलिटी परिसर में ही चलनी चाहिए। इसे एमवायएच में चलाया तो वहां के संसाधनों और स्टाफ पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा। सुपर स्पेशिएलिटी में लगेगी ओपीडी
एमवायएच अधीक्षक डॉ. अशोक यादव का कहना है कि निर्णय के अनुसार शाम की पेड ओपीडी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में संचालित की जानी है। सुबह की ओपीडी पहले की तरह एमवायएच में ही चलेगी। इधर, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त धनराजू एस. ने इसको लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। 46 विशेषज्ञ, सैलेरी 3 लाख रुपए तक
एमजीएम के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में कुल 46 डॉक्टर हैं। इनमें 38 डीएम और एमसीएच सुपर स्पेशिएलिटी विशेषज्ञ हैं। यहां असिस्टेंट प्रोफेसर को लगभग 1.5 लाख, एसोसिएट प्रोफेसर को 2.5 लाख और प्रोफेसर को करीब 3 लाख रुपए प्रतिमाह फिक्स वेतन दिया जा रहा है।
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