टीम इंडिया के वर्ल्ड कप 2026 जीतने का शोर तो है, सड़कों पर से ‘नीला समंदर गायब

टीम इंडिया के वर्ल्ड कप 2026 जीतने का शोर तो है, सड़कों पर से ‘नीला समंदर गायब


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टीम इंडिया के वर्ल्ड कप 2026 जीतने का शोर तो है, सड़कों पर से ‘नीला समंदर गायब

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9 मार्च को कप्तान सूर्यकुमार यादव का साबरमती फ्रंट पर ट्रॉफी के साथ फोटो शूट हुआ और उसी दौरान खिलाड़ी अलग-अलग फ्लाइट्स से निकले और अपने अपने घर पहुंच गए. 11 मार्च तक कोई बड़ी परेड नहीं हुई. आखिर ऐसा क्या हुआ कि जश्न का तरीका बदल गया? क्या यह आरसीबी परेड के दौरान हुई त्रासदी का असर है या फिर खाड़ी देशों में छिड़ा युद्ध इसकी असल वजह है?

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वर्ल्ड कप जीतने के बाद क्यों नहीं हुई टीम की विक्ट्री परेड, क्यों नहीं बना रहा बीसीसीआई प्लान

नई दिल्ली. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 8 मार्च 2026 भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक पन्ना और जुड़ गया. उस ऐतिहासिक रात को जब संजू सैमसन के बल्ले ने आतिशबाजी की और जसप्रीत बुमराह की जादुई गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया, तो लगा था कि पूरा भारत सड़कों पर उतर आएगा. 2007 का जोहान्सबर्ग, 2011 का वानखेड़े और 2024 का मरीन ड्राइव ये वो यादें हैं जहाँ जीत के बाद की परेड ने इतिहास रचा था. लेकिन इस बार, 2026 में विश्व विजेता बनने के बाद सूर्या की सेना खामोशी से अपने-अपने घरों को रवाना हो गई.

9 मार्च को कप्तान सूर्यकुमार यादव का साबरमती फ्रंट पर ट्रॉफी के साथ फोटो शूट हुआ और उसी दौरान खिलाड़ी अलग-अलग फ्लाइट्स से निकले और अपने अपने घर पहुंच गए. 11 मार्च तक कोई बड़ी परेड नहीं हुई. आखिर ऐसा क्या हुआ कि जश्न का तरीका बदल गया? क्या यह आरसीबी परेड के दौरान हुई त्रासदी का असर है या फिर खाड़ी देशों में छिड़ा युद्ध इसकी असल वजह है? भारतीय टीम की इस खामोश रवानगी के पीछे कई गंभीर और सुरक्षात्मक कारण छिपे हुए हैं.

बैंगलुरु का ‘आरसीबी परेड कांड’ और सुरक्षा चिंताएं:

जून 2025 में आरसीबी की पहली आईपीएल जीत के बाद बेंगलुरु में जो हुआ, उसने पूरे देश को झकझोर दिया था. विजय जुलूस के दौरान एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में 11 प्रशंसकों की जान चली गई थी और दर्जनों घायल हुए थे. उस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों और बीसीसीआई ने सार्वजनिक परेडों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है. लाखों की बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिसके चलते फिलहाल ऐसी किसी भी ओपन-बस परेड को हरी झंडी नहीं मिली है.

खाड़ी देशों में युद्ध और यात्रा प्रतिबंध

वर्तमान में मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बुरी तरह प्रभावित किया है. हवाई मार्ग (एयरस्पेस) पर लगे प्रतिबंधों के कारण विदेशी टीमें जैसे दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज भारत में ही फंसी रह गईं. भारतीय खिलाड़ियों के लिए भी सुरक्षा के मद्देनजर सामूहिक यात्रा के बजाय छोटे समूहों में या निजी तौर पर घर पहुंचना ज्यादा सुरक्षित समझा गया.

आईपीएल 2026 का दबाव और व्यस्त शेड्यूल:

आईपीएल का अगला सीजन 22 मार्च 2026 से शुरू होने वाला है. वर्ल्ड कप खत्म होने के महज दो हफ्ते के भीतर खिलाड़ियों को अपनी-अपनी फ्रेंचाइजी के कैंप में शामिल होना है. मानसिक और शारीरिक थकान को देखते हुए खिलाड़ियों को परेड के भारी तामझाम के बजाय परिवार के साथ समय बिताने और रिकवरी के लिए सीधे घर भेजने का फैसला लिया गया.

क्या बिल्कुल नहीं होगा जश्न?

हालांकि अभी तक कोई सार्वजनिक परेड नहीं हुई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जश्न खत्म हो गया है. बीसीसीआई के सूत्रों के अनुसार, टीम के सदस्य जल्द ही दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं. साथ ही, मुंबई में एक छोटा लेकिन सुरक्षित फोटोशूट या सम्मान समारोह आयोजित करने की योजना है. 2011 की तरह इस बार भी घरेलू मैदान पर जीत मिलने के कारण बीसीसीआई ने ‘विजयी फोटोशूट’ को परेड से ज्यादा प्राथमिकता दी है.



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