मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग की अध्यक्षता में बुधवार शाम को सुशासन भवन सभागृह में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अनुकूल जैन, मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। पीएससी पर डॉक्टरों की अनिवार्य उपस्थिति, ओपीडी की होगी लाइव मॉनिटरिंग कलेक्टर शअदिति गर्ग ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएससी) की ओपीडी में पदस्थ सीएचओ, मेडिकल ऑफिसर और डॉक्टर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। बिना किसी लिखित सूचना के अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सीधे निलंबन की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएससी पर डॉक्टर नियमित रूप से बैठकर मरीजों की जांच करें और उन्हें उचित उपचार प्रदान करें। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी भी माध्यम से अनुपस्थिति की सूचना मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलने वाली ओपीडी व्यवस्था की लाइव मॉनिटरिंग भी की जाएगी। एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित, अफवाहों पर न दें ध्यान बैठक में एचपीवी टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन पूर्णतः सुरक्षित है। आमजन किसी भी प्रकार की गलत या भ्रामक बातों पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि इस संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। प्रतिदिन लक्ष्य निर्धारित कर टीकाकरण कार्य को गति दी जाए। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी संकुल प्राचार्य स्कूलों को इस अभियान में सक्रिय सहयोग के लिए निर्देश दें। 17 मार्च तक सभी स्कूलों में कक्षा 8वीं और 9वीं के बच्चों के लिए पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग आयोजित कर अभिभावकों को एचपीवी वैक्सीनेशन के बारे में जागरूक किया जाए। आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करने और बच्चों को टीकाकरण केंद्र तक लाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जिला स्तर पर विशेष टीम भी गठित की जाएगी। कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के एएनसी रजिस्ट्रेशन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सेक्टर और गांव स्तर पर शिविर लगाकर एएनसी रजिस्ट्रेशन तथा गर्भवती महिलाओं की समग्र आईडी बनाई जाए। जिन क्षेत्रों में एएनसी रजिस्ट्रेशन में गैप है उसे जल्द पूरा किया जाए और इसके लिए लाइन लिस्टिंग तैयार कर कार्य किया जाए। जिन स्वास्थ्य केंद्रों में चार एएनसी चेकअप की प्रगति 50 प्रतिशत से कम है वहां विशेष शिविर लगाकर शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित की जाए। मॉडरेट एनीमिया के मामलों में सीएचओ बेहतर कार्य करें तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली महिलाओं को चिन्हित कर उनका समुचित उपचार किया जाए। एएनसी जांच में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर या नर्स के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। गंभीर एनीमिया और कुपोषण के मामलों पर सख्ती
कलेक्टर ने गंभीर एनीमिया के मामलों में तत्काल उपचार योजना बनाकर बेहतर प्रबंधन करने और सभी मामलों में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समग्र आईडी की ई-केवाईसी और डीबीटी से जुड़े कार्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। एएनसी के लिए विशेष कैंप लगाकर सप्ताहभर अभियान चलाने तथा समग्र आईडी अपडेट करने को कहा। बैठक में पीआईएच चिन्हांकन और डिलीवरी अपडेट की समीक्षा भी की गई तथा निर्देश दिए गए कि सभी डिलीवरी प्रकरणों को तुरंत पोर्टल पर अपडेट किया जाए। कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश
कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने के लिए अभिभावकों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को पूर्ण उपचार के बाद ही पोषण पुनर्वास केंद्र से छुट्टी दी जाए। बैठक में दस्तक अभियान और टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई। बेहतर कार्य करने वाले सीएचओ होंगे सम्मानित
कलेक्टर ने कहा कि एनसीडी कार्यक्रम में बेहतर कार्य करने वाले सीएचओ को सम्मानित किया जाए। साथ ही आगामी बैठक में सर्वाइकल कैंसर की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एंबुलेंस के खराब या बंद होने की स्थिति में दूसरी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित के खिलाफ पेनल्टी की कार्रवाई की जाए। एंबुलेंस से संबंधित जीपीएस डेटा भोपाल से मंगवाया जाए। पीएम राहत योजना के अंतर्गत जिन निजी अस्पतालों ने पंजीयन नहीं कराया है, उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ब्लॉक स्तर पर रोगी कल्याण समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित करने को कहा गया।
Source link