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- The Student Was Groaning In Pain, The Father Said – Now I Do Not Want To Teach Further, The Mother Said – I Will Teach
सागर1 घंटे पहले
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छात्रा पर कटर से हमला करने वाला युवक अब इस दुनिया में नहीं रहा। एकतरफा प्रेम के चलते उसने कटर से 17 वर्षीय 12वीं की छात्रा को जो जख्म दिए, उससे वह सहमी हुई है।
घायल किशोरी की मनोदशा उसके परिवार के लोग ही समझ पा रहे हैं। वह करवट लेती है तो दर्द से कराह उठती है। बाएँ गाल व पीठ पर लंबा कट लगा है। कंधे और उंगलियों पर भी घाव हैं। 75 से अधिक टाँके आए हैं। धीरे-धीरे घाव तो भरने लगे, लेकिन चार दिन बाद भी वह न तो ठीक से चल पा रही है और न बोल पा रही है।
छात्रा ने इशारे और दबी हुई आवाज में कहा कि उसने गले पर कटर मारने की कोशिश की तो मैंने दोनों हाथों से रोक लिया, जिससे मेरी उंगलियाँ कटते-कटते बचीं। वह दूसरे पेपर के बाद भी आया था, लेकिन मैंने उससे बात नहीं की। इसके बाद वह आखिरी पेपर के बाद आया और बात करने का दबाव डाला। मैंने बात नहीं की जिससे उसने मुझ पर हमला कर दिया।
छात्रा के पिता का कहना है कि हम लोगों को बेटी ने युवक के बारे में बताया था। उसे समझाइश दी थी। इसके बाद उसकी कोई शिकायत नहीं आई। अचानक से उसने बेटी पर हमला कर दिया। घटना के बाद मुझे एक परिचित ने फोन किया। मैं खुद मौके पर पहुंचा और अपनी बाइक से बेटी को अस्पताल ले जाने लगा।
इसी दौरान पुलिस की एफआरवी आ गई। उसे बीएमसी लाए। रास्ते में उसका काफी खून बह चुका था। उसे एक बॉटल खून चढ़ाया गया है। अभी उसका अच्छा इलाज कराने की कोशिश कर रहे हैं। इलाज चल रहा है। धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है। अभी दाल का पानी, दूध दलिया दे रहे हैं। पीठ में टाँके लगे हैं। करवट दिलाते रहते हैं। धीरे-धीरे वह बात करने लगी है। पुलिस अधिकारियों ने भी बेटी से बात की है और डॉक्टरों को उचित इलाज करने को कहा है। इस घटना के बाद डर गया हूँ। अब उसे आगे पढ़ाने की मेरी इच्छा नहीं है।
माँ बोलीं- बेटी को आगे भी पढ़ाऊँगी
घायल छात्रा तीन बहनों में सबसे बड़ी है। उसका एक भाई है। दोनों छोटी बहनें उसके जल्द ठीक होकर घर आने का इंतजार कर रही हैं। बीएमसी में माँ उसकी पूरी देखभाल कर रही है। हालचाल जानने के लिए रिश्तेदार भी आ-जा रहे हैं। छात्रा की माँ का कहना है कि मेरी बेटी पढ़ाई में बेहद होशियार और सीधी-सादी है। वह किसी से ज्यादा बात नहीं करती। ठीक होने के बाद उससे बात करेंगे और आगे भी उसे पढ़ाएंगे।
