बालाघाट में फिर जातिगत विवाद, ‘दलित’ होने की वजह से युवक को चोला पहनने से रोका

बालाघाट में फिर जातिगत विवाद, ‘दलित’ होने की वजह से युवक को चोला पहनने से रोका


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Balaghat News: मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में हनुमान जयंती से पहले एक धार्मिक परंपरा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. हीरापुर गांव में हनुमान जी का चोला धारण करने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं. आरोप है कि एक दलित युवक को चोला धारण करने से रोका जा रहा है, जबकि दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है. मामला बढ़ने के बाद शिकायत पुलिस अधीक्षक तक पहुंच गई है और पुलिस जांच में जुट गई है. प्रशासन का कहना है कि दोनों पक्षों की बात सुनकर जल्द ही विवाद का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है.

MP NEWS: मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में हनुमान जयंती से पहले एक परंपरा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, यहां दशहरा और हनुमान जयंती के मौके पर हर साल चल समारोह निकालने की परंपरा है. पहले यह परंपरा शहर के एक ही स्थान पर होती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह आसपास के गांवों तक भी पहुंच गई.

इसी कड़ी में हीरापुर गांव में भी हर साल हनुमान जयंती पर चल समारोह निकाला जाता है, जिसमें गांव का एक युवक हनुमान जी का चोला धारण करता है और नगर भ्रमण करता है. लेकिन इस बार चोला धारण करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.

दलित हूं इसलिए विरोध
हनुमान जयंती के मौके पर चोला धारण करने के लिए मनोनीत युवक निलय सोनवाने का कहना है कि वह हनुमान जन्मोत्सव समिति का सदस्य है और इसी वजह से उसे इस साल चोला धारण करने के लिए कहा गया था.

निलय के मुताबिक उसने 6 जनवरी से ही मंदिर में रहकर सेवा शुरू कर दी थी. लेकिन गांव की पुरानी समिति के कुछ लोगों को यह बात पसंद नहीं आई और उन्होंने किसी दूसरे युवक को चोला धारण करने के लिए आगे कर दिया. निलय का आरोप है कि कुछ लोगों ने उसे यह कहते हुए विरोध किया कि वह दलित समाज से है और उसे मंदिर में पूजा-पाठ करने का अधिकार नहीं है.

दूसरे पक्ष ने आरोपों को बताया गलत
इस मामले में आरोपी पक्ष के अनिल बिसेन ने सभी आरोपों को गलत बताया है. उनका कहना है कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं और मामला जैसा बताया जा रहा है वैसा नहीं है. दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है.

पुलिस कर रही मामले की जांच
इस पूरे मामले को लेकर बालाघाट के सीएसपी मयंक तिवारी का कहना है कि यह मामला हीरापुर गांव का है. शुरुआत में सानिध्य नाम के युवक को चोला धारण करने के लिए मनोनीत किया गया था. दूसरे पक्ष का कहना है कि सानिध्य के मना करने के बाद निलय को चोला धारण करने के लिए कहा गया. हालांकि शुरुआती जांच में मना करने वाली बात सही नहीं पाई गई है.

पुलिस के मुताबिक जातिगत गाली-गलौज का आरोप भी शुरुआती जांच में सामने नहीं आया है. फिलहाल दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को जल्द सुलझाने की कोशिश की जा रही है.

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Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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