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Iranian Apple Rate: फरवरी से गर्मी तक का समय समय ईरानी सेब का होता है, लेकिन इस बार आवक नहीं के बराबर है. इसी वजह बाजार में सेब के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. व्यापारियों का कहना है कि अगर सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई तो आने वाले दिनों में सेब और महंगा हो सकता है.
Khandwa News: गर्मी का मौसम शुरू होते ही बाजार में सेब की मांग बढ़ जाती है. आमतौर पर इस समय बाजार में बड़ी मात्रा में ईरान से सेब की खेप आती है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं. ईरान और इजराइल के बीच चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब फल बाजार पर भी दिखाई देने लगा है. खंडवा सहित कई मंडियों में ईरानी सेब की आवक लगभग रुक गई है, जिसके कारण कीमतों में तेजी आ गई है.
फल व्यापारी शुभम तिरोले बताते हैं कि बीते सालों में फरवरी से ही ईरान से सेब की बड़ी खेप बाजार में आने लगती थी. यह सेब आकार में बड़ा, स्वाद में अच्छा और दूसरे सेबों की तुलना में सस्ता होता था, इसलिए ग्राहकों में इसकी मांग भी ज्यादा रहती थी. लेकिन, इस बार ईरान से माल की सप्लाई प्रभावित हो गई है.
1000 की पेटी अब 1900 तक
शुभम तिरोले बताते हैं कि पहले ईरानी सेब की एक पेटी करीब 1000 रुपए में आ जाती थी. एक पेटी में लगभग 10 किलो सेब होता है. उस हिसाब से उन्हें सेब करीब 100 रुपए किलो पड़ता था. बाजार में वह इसे करीब 130 से 150 रुपए किलो तक बेच देते थे. लेकिन, इस बार हालात पूरी तरह बदल गए हैं. अब अगर कहीं ईरानी सेब मिल भी रहा है तो उसकी पेटी 1800 से 1900 रुपए तक पहुंच गई है. व्यापारियों को यह सेब करीब 210 से 215 रुपए किलो में पड़ रहा है, जिसके बाद बाजार में इसकी कीमत 240 से 260 रुपए किलो तक पहुंच गई है.
खराब माल भी निकल रहा
व्यापारियों का कहना है कि एक पेटी में करीब आधा किलो तक सेब खराब भी निकल जाता है. ऐसे में लागत और बढ़ जाती है. यही कारण है कि दुकानदार भी मजबूरी में सेब महंगे दामों पर बेच रहे हैं.
बाजार में कम पहुंच रहा माल
फल व्यापारियों के मुताबिक, इस समय बाजार में ईरानी सेब की आवक बहुत कम है. रोजाना जहां पहले बड़ी मात्रा में माल आता था, वहीं अब 8 से 10 कैरेट ही बाजार तक पहुंच पा रहे हैं. इनमें से भी ज्यादातर कोल्ड स्टोरेज का पुराना माल बताया जा रहा है, जो दिल्ली और मुंबई के व्यापारियों के जरिए यहां पहुंच रहा है.
रोजाना 35 कुंटल की खपत
फल व्यापारी गोविंद बताते हैं कि शहर में रोजाना करीब 33 कुंटल सेब की खपत होती है. आमतौर पर सीजन की शुरुआत में हिमाचल का सेब आता है, इसके बाद जम्मू-कश्मीर का और अंत में ईरान का सेब बाजार में मिलता है. अभी का समय ईरानी सेब का होता है, लेकिन इस बार आवक न के बराबर है. इसी वजह वहां से बाजार में सेब के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. व्यापारियों का कहना है कि अगर सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई तो आने वाले दिनों में सेब और महंगा हो सकता है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें