HPV वैक्सीन से बीमार पड़ीं बच्चियां! परिजन बोले- झूठ बोलकर ले गई आशा

HPV वैक्सीन से बीमार पड़ीं बच्चियां! परिजन बोले- झूठ बोलकर ले गई आशा


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Gwalior News: बच्ची की मां ने कहा कि उनकी बेटी को HPV वैक्सीन लगा दी. आशा कार्यकर्ता झूठ बोलकर बेटी को ले गई. उसने कहा कि बेटी को फॉर्म भरा देंगे, जिससे शादी के समय उसे 50 हजार रुपये मिलेंगे.

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अस्पताल में बच्चियों का इलाज जारी है.

रिपोर्ट- सुशील कौशिक, ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) की वैक्सीन लगाते ही कुछ बच्चियों की तबीयत बिगड़ गई. बच्चियों को फौरन सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. फिलहाल उनकी हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है. वहीं परिजनों ने स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि आशा वर्कर ने बिना जानकारी दिए उनकी बच्चियों को वैक्सीन लगवाई है. वह किसी अन्य बहाने से उनकी बच्चियों को लेकर गई थी. वैक्सीन लगाने के बाद अचानक बच्चियों की तबीयत बिगड़ गई.

मामला ग्वालियर के डबरा के बारकरी जिगनिया गांव का है. सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए बच्चियों को HPV वैक्सीन लगाई जा रही है. गांव की कुछ बच्चियों को HPV वैक्सीन लगाई गई. टीकाकरण के बाद बच्चियों की तबीयत बिगड़ने लगी. देखते ही देखते पांच बच्चियों की तबीयत बिगड़ गई. उन्हें फौरन डबरा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. सभी का इलाज चल रहा है. फिलहाल उनकी हालत पहले से ठीक बताई जा रही है.

झूठ बोलकर लगाई वैक्सीन
वहीं परिजनों ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एक बच्ची की मां ने कहा कि उनकी बेटी को वैक्सीन लगा दी. आंगनवाड़ी की आशा कार्यकर्ता झूठ बोलकर बेटी को लेकर गई. उसने उनसे कहा कि बेटी को फॉर्म भरा देंगे, जिससे उसकी शादी के समय उसे 50 हजार रुपये मिलेंगे. बेटी ने बताया कि उसे वैक्सीन लगाई थी. अब उसे बुखार आ रहा है, उल्टी हो रही है और दर्द भी हो रहा है. डॉक्टर ने अस्पताल लाने को कहा, तो वह बेटी को लेकर अस्पताल आ गईं. फिलहाल हालत ठीक है. गांव की और लड़कियों को भी वैक्सीन लगाई गई, जिसके बाद उनकी भी तबीयत बिगड़ गई थी. उनका भी अस्पताल में इलाज चल रहा है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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