गैस खत्म तो क्या हुआ! इंदौर की 56 दुकान ने निकाला जुगाड़, धराधर तल रहे समोसे-कचौरी

गैस खत्म तो क्या हुआ! इंदौर की 56 दुकान ने निकाला जुगाड़, धराधर तल रहे समोसे-कचौरी


Last Updated:

56 Dukan Gas Cylinder Substitute: देशभर में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी का असर अब बाजारों और फूड स्टॉल तक पहुंच गया है. इंदौर की मशहूर 56 दुकान फूड स्ट्रीट पर भी गैस संकट की स्थिति बनी, लेकिन यहां के व्यापारियों ने इसका अनोखा समाधान निकाल लिया. दुकानदारों ने गैस की जगह इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है और अब उसी पर समोसा, कचौरी, पोहा और पाव भाजी जैसे व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं. व्यापारियों का कहना है कि इंदौर की पहचान और स्वाद की परंपरा को किसी भी हाल में कमजोर नहीं होने देंगे. संकट के बीच 56 दुकान ने जुगाड़ और नई सोच से नया रास्ता निकाल लिया है.

Zoom

गैस संकट के बीच भी नहीं थमी इंदौर की स्वाद वाली गली

Mithilesh Gupta, Indore News: देशभर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर लगी रोक का असर अब छोटे-बड़े बाजारों तक साफ दिखाई देने लगा है. कई होटल और फूड स्टॉल गैस की कमी से परेशान हैं. लेकिन मध्यप्रदेश के इंदौर की मशहूर Chappan Dukan यानी 56 फूड स्ट्रीट के व्यापारियों ने इस संकट का अनोखा हल निकाल लिया है.

यह वही जगह है जहां रोज हजारों लोग खोपरा पेटीज, पोहा, समोसा, मटर कचौरी और शिकंजी जैसे स्वादिष्ट व्यंजन खाने आते हैं. ऐसे में गैस संकट का सीधा असर यहां के कारोबार पर पड़ सकता था, लेकिन दुकानदारों ने समय रहते रास्ता निकाल लिया.

गैस की जगह इंडक्शन ने संभाली कमान
दुकानदारों के मुताबिक उनके पास कमर्शियल गैस का स्टॉक सिर्फ दो दिन का बचा था. इसके बाद खाना बनाना मुश्किल हो सकता था. लेकिन इससे पहले ही कई दुकानदारों ने इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले बड़े इंडक्शन चूल्हे खरीद लिए. अब यही इंडक्शन उनके लिए सबसे बड़ा सहारा बन गए हैं.

इंडक्शन पर बन रहे समोसे और पाव भाजी
अब 56 दुकान में कई स्टॉल पर इंडक्शन चूल्हों पर ही खाना तैयार किया जा रहा है. दुकानदार बताते हैं कि इन इंडक्शन पर डोसा, पोहा, समोसा, कचौरी, पाव भाजी और छोले-भटूरे जैसे व्यंजन भी आसानी से बन रहे हैं. शुरुआत में थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन अब दुकानदार इस नए तरीके के साथ काम करने लगे हैं.

इंदौर की पहचान पर आंच नहीं आने देंगे
व्यापारियों का कहना है कि चाहे कितनी भी मुश्किल क्यों न आ जाए, इंदौर की पहचान और स्वाद की परंपरा को कमजोर नहीं होने देंगे. उनका कहना है कि 56 दुकान सिर्फ एक बाजार नहीं बल्कि इंदौर की पहचान है. यहां आने वाले लोगों को वही स्वाद और अनुभव मिलना चाहिए जिसके लिए यह जगह देशभर में मशहूर है.

संकट में भी जिंदा है इंदौर का जुगाड़
इंदौर को अक्सर जुगाड़ और नई सोच के लिए जाना जाता है. गैस संकट के बीच 56 दुकान के व्यापारियों ने जो रास्ता निकाला है, वह इसी सोच की मिसाल है. जहां कई जगह गैस की कमी से दुकानों पर असर पड़ा है, वहीं इंदौर की इस मशहूर फूड स्ट्रीट ने इंडक्शन चूल्हों के जरिए अपने स्वाद और कारोबार दोनों को बचा लिया है.

About the Author

Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें



Source link